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Delhi News: सुप्रीम कोर्ट का वकील बनकर कर रहा था ठगी
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आरोपी पूरे उत्तर भारत में 150 से ज्यादा लोगों से कर चुका है ठगी
दक्षिण जिला पुलिस ने जालसाज को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का वकील बनकर ठगी करने वाले आरोपी प्रतीक दहिया को गिरफ्तार किया है। इसने लॉ फर्म खोल रखी थी और वेबसाइट बना रखी थी। आरोपी फ्रीज हुए बैंक खाते को खुलवाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। यह पूरे उत्तर भारत में 150 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुका है। आरोपी प्रतीक नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल से लॉ कर रहा था, मगर बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। इसकी निशानदेही पर अपराध में प्रयुक्त 1 मोबाइल, 4 डेबिट कार्ड, 1 आधार कार्ड तथा 1 सिम कार्ड बरामद किया गया है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि हौजखास निवासी पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी थी कि बिजनेस लेनदेन के कारण उसका बैंक खाता एनसीआरपी पोर्टल से ब्लॉक कर दिया गया था। इस मामले को सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता को वेबसाइट पर एक नंबर मिला। वह खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील बता रहा था और दावा कर रखा था कि पूरे भारत में पुलिस विभाग से अच्छे संबंध हैं। आरोपी ने पीड़ित को दक्षिण दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन के आधिकारिक सरकारी ई-मेल आईडी द्वारा भेजे गए नकली ईमेल का नकली स्क्रीनशॉट भी भेजा। मामला दर्ज कर साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में एसआई गुमान सिंह, एसआई अंकित शर्मा, हवलदार सुरेंद्र व हरेंद्र कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने उन बैंक खातों की डिटेल खंगाली, जिनमें ठगी का पैसा गया था। एनसीआरपी पोर्टल और स्थानीय पुलिस स्टेशनों से विवरण लेने पर पता लगा कि आरोपी ऐसे व्यक्तियों को शिकार बना रहा है, जिनके खाते को पूरे भारत में कानूनी एजेंसियों से अवरुद्ध कर दिया गया है। एसआई अंकित की टीम ने फर्जी वेबसाइट का विवरण प्राप्त किया तो पता लगा कि आरोपी व्यक्ति वेबसाइट पर विभिन्न अधिवक्ताओं के नाम का उपयोग कर रहा है। पुलिस ने उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली तो घर का पता मिला गया। उसके बाद पुलिस टीम ने नरेला में घेराबंदी कर प्रतीक दहिया को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे आया ठगी का तरीका
आरोपी प्रतीक दहिया ने खुलासा किया कि साइबर धोखाधड़ी की शिकायत पर एक कानूनी एजेंसी द्वारा उसका अपना बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था। उसने एक वकील के माध्यम से बैंक खाते को डी-फ्रीज करवा लिया। वहां उसने कानूनी एजेंसियों को संभालने की कला सीखी और धोखाधड़ी का विचार आया। इसने लोगों को फंसाने के लिए एक नकली वेबसाइट बनाई। वह खुद को लोगों को सुप्रीम कोर्ट का वकील बताता था। आरोपी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके खोले गए खातों में पैसे लेता था और फिर आधिकारिक सरकारी ईमेल आईडी से भेजे गए ईमेल के नकली स्क्रीनशॉट भेजता था और कुछ समय बाद पीड़ितों को ब्लॉक कर देता था।
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दक्षिण जिला पुलिस ने जालसाज को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का वकील बनकर ठगी करने वाले आरोपी प्रतीक दहिया को गिरफ्तार किया है। इसने लॉ फर्म खोल रखी थी और वेबसाइट बना रखी थी। आरोपी फ्रीज हुए बैंक खाते को खुलवाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। यह पूरे उत्तर भारत में 150 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुका है। आरोपी प्रतीक नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल से लॉ कर रहा था, मगर बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। इसकी निशानदेही पर अपराध में प्रयुक्त 1 मोबाइल, 4 डेबिट कार्ड, 1 आधार कार्ड तथा 1 सिम कार्ड बरामद किया गया है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि हौजखास निवासी पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी थी कि बिजनेस लेनदेन के कारण उसका बैंक खाता एनसीआरपी पोर्टल से ब्लॉक कर दिया गया था। इस मामले को सुलझाने के लिए शिकायतकर्ता को वेबसाइट पर एक नंबर मिला। वह खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील बता रहा था और दावा कर रखा था कि पूरे भारत में पुलिस विभाग से अच्छे संबंध हैं। आरोपी ने पीड़ित को दक्षिण दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन के आधिकारिक सरकारी ई-मेल आईडी द्वारा भेजे गए नकली ईमेल का नकली स्क्रीनशॉट भी भेजा। मामला दर्ज कर साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में एसआई गुमान सिंह, एसआई अंकित शर्मा, हवलदार सुरेंद्र व हरेंद्र कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने उन बैंक खातों की डिटेल खंगाली, जिनमें ठगी का पैसा गया था। एनसीआरपी पोर्टल और स्थानीय पुलिस स्टेशनों से विवरण लेने पर पता लगा कि आरोपी ऐसे व्यक्तियों को शिकार बना रहा है, जिनके खाते को पूरे भारत में कानूनी एजेंसियों से अवरुद्ध कर दिया गया है। एसआई अंकित की टीम ने फर्जी वेबसाइट का विवरण प्राप्त किया तो पता लगा कि आरोपी व्यक्ति वेबसाइट पर विभिन्न अधिवक्ताओं के नाम का उपयोग कर रहा है। पुलिस ने उसके मोबाइल की डिटेल खंगाली तो घर का पता मिला गया। उसके बाद पुलिस टीम ने नरेला में घेराबंदी कर प्रतीक दहिया को गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे आया ठगी का तरीका
आरोपी प्रतीक दहिया ने खुलासा किया कि साइबर धोखाधड़ी की शिकायत पर एक कानूनी एजेंसी द्वारा उसका अपना बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था। उसने एक वकील के माध्यम से बैंक खाते को डी-फ्रीज करवा लिया। वहां उसने कानूनी एजेंसियों को संभालने की कला सीखी और धोखाधड़ी का विचार आया। इसने लोगों को फंसाने के लिए एक नकली वेबसाइट बनाई। वह खुद को लोगों को सुप्रीम कोर्ट का वकील बताता था। आरोपी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके खोले गए खातों में पैसे लेता था और फिर आधिकारिक सरकारी ईमेल आईडी से भेजे गए ईमेल के नकली स्क्रीनशॉट भेजता था और कुछ समय बाद पीड़ितों को ब्लॉक कर देता था।
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