हिरासत में विपक्षी नेता: राहुल सड़क पर लेट गए, अखिलेश बोले- 'पुलिस भैया, कहां लेकर जा रहे हो?' सामने आए वीडियो
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस सांसद पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया। पुलिस कार्रवाई के दौरान राहुल जमीन पर लेट गए, जबकि अखिलेश का पुलिस बस वाला वीडियो भी सामने आया है।
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कांग्रेस नेताओं ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध करते हुए नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
उधर, अखिलेश यादव का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस उन्हें बस में बैठाकर ले जाती दिखाई दे रही है। इस दौरान अखिलेश यादव पुलिसकर्मियों से कहते सुनाई देते हैं, 'पुलिस भैया, कहां लेकर जा रहे हो?'
इस पूरे घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगने के लिए हम उनके घर तक पैदल मार्च करके गए। सरकार न तो कोई जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।'
प्रियंका गांधी को भी हिरासत में लिया गया
दिल्ली पुलिस ने वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को भी हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार डरपोक है। वो डरती है। हम उनसे नहीं डरते, वो हमसे डरते हैं।
नेताओं को हिरासत में लेने पर क्या बोली कांग्रेस ?
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, 'हम यह दिखाने आए थे कि संसद में हमें बोलने की इजाजत नहीं है। हम प्रधानमंत्री मोदी से बात करना चाहते थे। हम उनके आवास पर उन्हें यह बताने आए हैं कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा। उन्हें शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री मोदी इसके लिए जिम्मेदार हैं। वे इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। यहां सभी सांसदों को हिरासत में रखा हुआ है।' सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हिरासत में लिए जाने के दौरान कहा कि यह सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है तो आप सोच सकते हैं कि छात्रों के साथ क्या हुआ होगा?