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उत्तराखंड बारिश इफेक्ट: दिल्ली में पैदा हुआ पेयजल का संकट, जल बोर्ड के पांच संयंत्रों में पानी का उत्पादन प्रभावित

Sun, 20 Jun 2021 10:06 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 20 Jun 2021 10:06 PM IST
सार

दिल्ली के पास लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए अपने जल स्रोत नहीं है। इस कारण वह कच्चे पानी के मामले में पूरी तरह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली को उत्तराखंड से यमुना नदी एवं गंग नहर का पानी हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के माध्यम से मिलता है।

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Uttarakhand Rain Effect Drinking water crisis arose in Delhi water production affected in five Jal Board plants
नल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से भारी बारिश होने के कारण उसके तमाम शहर पानी से परेशान है, वहीं वहां बारिश होने से दिल्ली में गंभीर पेयजल संकट पैदा होने के आसार हो गए हैं। दरअसल यमुना नदी में गाद की मात्रा बढ़ गई है और उससे जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के तीन जल शोधक संयंत्र पानी साफ नहीं कर पा रहे हैं।

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वहीं हरिद्वार में गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर वहां गंग नहर को बंद कर दिया है। लिहाजा गंग नहर से जुड़े दिल्ली के दो संयंत्रों के लिए कच्चा पानी मिलना बंद होने का संकट पैदा गया है। इस तरह अब दिल्ली के समस्त संयंत्रों को कच्चा पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी मुनक नहर पर आई गई है। हालांकि, मुनक नहर में भी गाद की मात्रा बढ़ी हुई है। मुनक नहर से पहले ही जल बोर्ड के चार संयंत्र जुड़े हुए हैं।
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दिल्ली के पास लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए अपने जल स्रोत नहीं है। इस कारण वह कच्चे पानी के मामले में पूरी तरह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली को उत्तराखंड से यमुना नदी एवं गंग नहर का पानी हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के माध्यम से मिलता है। उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। इस कारण उत्तराखंड में यमुना नदी एवं गंगा नदी समेत तमाम नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और उनमें गाद की मात्रा भी बढ़ी हुई है। इसका सीधा असर दिल्ली की पेयजल आपूर्ति पर पड़ना शुरू हो गया है। 
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दरअसल यमुना नदी और गंगा नदी से जुड़ी गंग नहर से दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल, ओखला, सोनिया विहार व भगीरथी जल शोधक संयंत्र में पानी का उत्पादन कम होने लग गया है। इन संयंत्रों से आधी से अधिक दिल्ली में पेयजल आपूर्ति की जाती है। वहीं यमुना नदी से जुड़ी मुनक नहर से हैदरपुर स्थित दो संयंत्रों के अलावा बवाना, नांगलोई व द्वारका जल शोधक संयंत्र को कच्चा पानी मिलता है, लेकिन यमुना नदी के पानी में गाद ज्यादा होने से इस नहर से वजीराबाद एवं चंद्रावल संयंत्र को कच्चा पानी दिया जा रहा है। इस कारण इस नजर से जुड़े संयंत्रों को भी पर्याप्त कच्चा पानी नहीं मिल रहा है।
 

करीब आधी दिल्ली के लोग पेयजल संकट से दो-चार हुए
यमुना नदी से जुड़े चंद्रावल, वजीराबाद व ओखला जल शोधक संयंत्र गादयुक्त पानी को साफ नहीं कर पा रहे हैं। उनमें करीब 25 से 30 प्रतिशत पानी का उत्पादन कम हो रहा है। इसके अलावा इन संयंत्रों में पानी भी पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा है। लिहाजा इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, वहीं उनके घरों पर पहुंच रहे पानी की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं है। इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों में दो दिन से पानी का संकट पैदा हो गया है।

चंद्रावल, वजीराबाद व ओखला संयंत्रों से पुरानी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली के अधिकतर इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इन इलाकों में नई दिल्ली, दिल्ली छावनी, सिविल लाइन, हिंदूराव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, ओल्ड राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, इंद्रपुरी, कालकाजी, गोविंदपुरी, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश आदि इलाके शामिल है। इन इलाकों में रविवार को बेहद कम दवाब के साथ कुछ ही समय के लिए पेयजल आपूर्ति हुई। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों के घर पर कुछ पल के लिए पानी पहुंचा। इस कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिला।
 

सोनिया विहार व भगीरथी संयंत्र भी बंद होने के आसार हुए
हरिद्वार में गंगा नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण दो दिन पहले गंग नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस नहर से सोनिया विहार और भगीरथी जल शोधक संयंत्र को कच्चा पानी मिलता है। हालांकि अभी ये संयंत्र बंद नहीं हुए है, लेकिन इनमें कच्चा पानी कम आना शुरू हो गया है। उत्तराखंड में बाढ़ के हालात जल्द ही नहीं सुधरने की स्थिति में इन संयंत्रों को कच्चा पानी मिलना बंद हो जाएगा और इन सयंत्रों से जुड़े इलाकों के निवासी पानी के लिए मोहताज हो जाएंगे। इन दोनों संयंत्रों से पूर्वी दिल्ली के तमाम इलाकों के साथ-साथ दक्षिण दिल्ली के भी कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।

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