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दिल्ली दंगे पर सदन में हंगामा, आप विधायक ने भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

Fri, 12 Mar 2021 01:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Mar 2021 01:50 AM IST
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Uproar in the House over the Delhi riots, AAP MLA held BJP responsible
नई दिल्ली। दिल्ली दंगे को लेकर विधानसभा के बजट सत्र में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष-विपक्ष दंगे पर एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा करता रहा। सत्ता पक्ष के विधायकों ने तो यहां तक कहा कि दिल्ली दंगा के लिए भारतीय जनता पार्टी ही जिम्मेदार है। सदन की कार्यवाही हंगामे की वजह 15 मिनट के लिए स्थगित की गई और विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सदन की कार्यवाही से राजनीतिक पार्टी का शब्द हटाने के आदेश दिए।
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पिछले साल उत्तर-पूर्वी जिले में हुए दंगे को लेकर विधानसभा में हंगामा हो गया। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने दंगे के लिए भाजपा और भाजपा नेता कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा विधायक अनिल बाजपेयी ने वेल में पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें मार्शल के जरिए सदन से बाहर कर दिया गया। अमानतुल्लाह दिल्ली विधानसभा की अल्पसंख्यक कल्याण समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कमेटी की रिपोर्ट पेश करते हुए भाजपा पर दंगा कराने का आरोप मढ़ा। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित होने लगी तो विधानसभा अध्यक्ष ने 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। कार्यवाही जब दूसरी बार शुरू हुई तो विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष से अमानतुल्लाह के शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने और मार्शल आउट कराए गए भाजपा विधायक को सदन की चर्चा में शामिल कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों मांगें मान ली और फिर सदन की कार्यवाही शुरू हो सकी।
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अमानतुल्लाह खान ने फिर से दंगे की रिपोर्ट पर वक्तव्य रखते हुए सदन को बताया कि पूरे दंगे के दौरान 750 मामले दर्ज हुए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी रिपोर्ट तक नहीं डाली। पांच मामले तो ऐसे दर्ज किए गए थे जिसमें वजह वहीं थी सिर्फ नाम बदला गया था। कम से कम दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट सामने आए, तब तो पता चले कि किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया। सीएए और एनआरसी का विरोध करने वालों पर भी मामले दर्ज किए गए। जामिया की सड़कों पर जो लोग खड़े थे उनका भी नाम शामिल कर लिया गया, लेकिन भाजपा नेता कपिल मिश्रा, रागिनी तिवारी जो दंगा भड़का रहे थे उन पर मामले दर्ज नहीं हुए। दंगे को उकसाने वाला रागिनी का वीडियो सभी ने देखा। सांसद प्रवेश वर्मा के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि दंगा कराने में केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस समेत सभी भाजपाइयों का समर्थन था।
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आप सरकार ने पीड़ितों को ढूंढकर दिया मुआवजा
अल्पसंख्यक कल्याण समिति की रिपोर्ट में अमानतुल्लाह खान ने यह भी कहा कि दिल्ली दंगे में प्रभावित बहुत लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाया था, जिसे दिलाने की उन्होंने कोशिश की। दंगे में 54 लोग मारे गए थे, जिसमें 11 हिंदू और 43 मुस्लिम समुदाय के थे। दिल्ली सरकार ने मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये दिए। 244 घायलों को मुआवजा दिया। इसके अलावा 724 संपत्ति और 1190 व्यावसायिक संपत्ति का मुआवजा दिया। अब तक 27 करोड़ 19 लाख मुआवजा दिया जा चुका है।

उन्होंने सदन को बताया कि 47 कॉमर्शियल प्रॉपर्टी और 66 लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। आजादी के बाद से अब तक 48 हजार ऐसे फसाद हुए, जो कांग्रेस शासनकाल में हुए। आप सरकार पहली सरकार है, जिसने ढूंढकर पीड़ितों को मुआवजा दिया। 1992 में देशभर में फसाद हुआ और 2002 में भाजपा के शासन में फसाद हुआ और 2020 में दिल्ली में जो फसाद हुआ, वो भी भाजपा के कारण ही हुआ।
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