यूपी: नोएडा हवाईअड्डे के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने ज्यूरिख एयरपोर्ट के एनआईएएल के साथ किया करार
समझौते के अनुसार, एनआईएएल के पास वाईआईएपीएल में एक गोल्डन शेयर (कम से कम 51 प्रतिशत मतदान अधिकार) और बोर्ड में दो निदेशकों को नामित करने का अधिकार होगा।
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ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ने शनिवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के लिए लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार की इकाई एनआईएएल के साथ एक शेयरधारक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के बाद नोएडा हवाई अड्डे के शिलान्यास का इंतजार बस खत्म ही होने वाला है।
ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल के एक बयान के मुताबिक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण वीर सिंह और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वाईआईएपीएल ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली अनुषंगी है और इसका गठन जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए किया गया है, जो दिल्ली के मुख्य क्षेत्र से लगभग 70 किमी दूर है।
समझौते के अनुसार, एनआईएएल के पास वाईआईएपीएल में एक गोल्डन शेयर (कम से कम 51 प्रतिशत मतदान अधिकार) और बोर्ड में दो निदेशकों को नामित करने का अधिकार होगा।
शेयरधारक समझौता उत्तर प्रदेश सरकार के "हवाई अड्डे तक पहुंच स्थापित करने, हवाई अड्डे के संचालन के लिए सुविधाओं (पानी, बिजली, अपशिष्ट जल) की स्थापना एवं विस्तार, हवाई अड्डे पर निगरानी सहित कानून और व्यवस्था बनाए रखना तथा हवाई अड्डे के निर्माण एवं संचालन के लिए जरूरी मंजूरी" से जुड़ी मदद को भी रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाश ने कहा, "शेयरधारक समझौता राज्य में प्रगति की दिशा में उठाया गया अगला कदम है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा भारत में एक आधुनिक, विश्वस्तर के हवाई अड्डे के लिए मापदंड होगा।"
यूपी के तेज विकास में मील का पत्थर साबित होगा लीज एग्रीमेंट: योगी
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लीज एग्रीमेंट इस एयरपोर्ट के तेज त गति से निर्माण तथा प्रदेश के तेज विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज के यूपी को विश्व पटल पर विकास योजनाओं को तेजी के साथ क्रियान्वित करने के लिए जाना जाएगा।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि आम आदमी को भी हवाई सेवाएं उपलब्ध हो सकें। जेवर एयरपोर्ट का विकास उनके इस सपने को साकार करेगा। यह एयरपोर्ट देश तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। उन्होंने अपने शासनकाल में एयरपोर्ट सेवाओं के विकास की विस्तार से जानकारी दी। यहां बताया गया कि जेवर एयरपोर्ट का विकास पीपीपी मॉडल पर चार चरणों में किया जाना है।
वर्ष 2021-22 में इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और प्रथम चरण का काम तीन वर्ष में पूरा होगा। यह एयरपोर्ट 12 मिलियन पैसेंजर से शुरू होगा जो चरणवार बढ़ कर वर्ष 2040-50 तक 70 मिलियन हो जायेगा। जेवर एयरपोर्ट कार्गो एयरपोर्ट भी है। वर्ष 2040-50 तक 2.6 मिलियन टन कार्गो क्षमता का विकास होगा। इससे व्यापार और उद्योगों को एक नई दिशा मिलेगी।