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केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार : मीनाक्षी को मंत्री बनाकर खेला पंजाबी कार्ड

Thu, 08 Jul 2021 06:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 08 Jul 2021 06:28 AM IST
सार

  • मोदी मंत्रिमंडल में शामिल कराने के लिए डॉ. हर्षवर्धन का इस्तीफा लिया गया और मीनाक्षी को कुर्सी दी गई, हेवीवेट भाजपा सांसदों को पछाड़ा

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Union Cabinet Expansion: Played Punjabi card by making Meenakshi a minister
meenakshi lekhi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की सांसद मीनाक्षी लेखी दिल्ली के कोटे से मोदी कैबिनेट में शामिल हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. हर्षवर्धन का इस्तीफा लेने के बाद लेखी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री के तौर पर जगह मिली है। दिल्ली ही नहीं राष्ट्रीय सियासत में दखल रखने वाली लेखी का कद अचानक से ऊंचा हो गया। वहीं, इस रेस में माने जाने वाले हैबीवेट सांसद व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद प्रवेश वर्मा व सांसद गौतम गंभीर को निराशा हाथ लगी है। हालांकि, संगठन की मजबूती के लिए डॉ. हर्षवर्धन समेत अन्य सांसदों को उतारा जाएगा।

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भाजपा शासित केंद्र सरकार में मीनाक्षी लेखी दिल्ली की दूसरी महिला होंगी, जिन्हें मोदी मंत्रिमंडल में बतौर राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इसके पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रही सुषमा स्वराज को कैबिनेट में शामिल किया गया था। लेखी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से एक मात्र महिला सांसद भी है।
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दिलचस्प यह कि मीनाक्षी लेखी दिल्ली के हैबीवेट भाजपा सांसदों पर भारी पड़ी हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी दिल्ली का पूर्वांचली चेहरा माने हैं। पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले दिल्ली के मतदाताओं में उनकी पकड़ भी है। बावजूद इसके उनको केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। दूसरी तरफ दिल्ली के दूसरे हैबीवेट सांसद प्रवेश वर्मा भी मंत्री पद की दौड़ में पिछड़ गए। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर और युवाओं के बीच मशहूर गौतम गंभीर भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में नहीं पहुंच सके। दरअसल, सांसद डॉ. हर्षवर्धन के इस्तीफे के बाद दिल्ली कोटे की एक सीट खाली हुई थी। इस पर काबिज होने में मीनाक्षी लेखी कामयाब रहीं।
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प्रदेश भाजपा प्रवक्ता से कैबिनेट तक पहुंची लेखी
मीनाक्षी लेखी दिल्ली भाजपा में प्रवक्ता भी रही है। प्रदेश प्रवक्ता के बाद लेखी भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता हुई। पेशे से वकील लेखी समय-समय पर कानूनी रूप से भी विपक्षी पार्टियों को घेरती रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार को भी कई बार कटघरे में खड़ा करने के लिए सड़क से संसद तक मोर्चा खोले रही। डीटीसी बस कथित घोटाला मुद्दे पर भी बुधवार को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने का कार्यक्रम तय था। हालांकि उन्हें मंत्री पद देने के लिए बुला लिया गया। 

दिल्ली में जन्म और स्कूल से कॉलेज तक यही से पढ़ी 
देश की राजधानी दिल्ली में जन्मी लेखी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से बॉटनी तमें बीएससी किया। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ कैंपस से एलएलबी की। 1990 में लेखी ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में रजिस्ट्रेशन के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट, देश के कई हिस्सों में बने ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती रही। लेखी के पति अमन लेखी भी जाने-माने वकील है। लेखी का पूरा परिवार राष्ट्रीय स्वयं सेवक रहा है। साथ ही स्वदेशी जागरण मंच से भी जुड़ी रही हैं।

मोदी मंत्रीमंडल में युवा चेहरा होंगी
मीनाक्षी लेखी युवा नेता हैं। लगातार दो बार से सांसद है। लेखी ने 2014 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतने के साथ ही लगातार दूसरी बार 2019 में इसी संसदीय क्षेत्र से चुनावों में भी जीत हासिल की थी। यह संसदीय क्षेत्र इसलिए भी कठिन माना जा रहा था क्योंकि नई दिल्ली विधानसभा से ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार विधायक का चुनाव जीतते रहे है।

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता
मीनाक्षी लेखी कई ट्रिब्यूनल के अलावा दिल्ली हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में बतौर अधिवक्ता सेवा देने के साथ महिला मुद्दों पर काम करती है। खासतौर पर घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद व महिलाओं के लिए स्थाई कमीशन मुद्दे अदालत में रखती रही है। 2019 में लेखी ने राफेल डील मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कोर्ट की अवमानना का क्रिमिनल केस फाइल किया था। सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग से भी जुड़ी रही हैं। वे महिला आरक्षण बिल और सेक्सुअल हेरेसमेंट ऑफ वीमेन एट वर्कप्लेस प्रिवेंशन प्रॉहिबिशन एंड रिड्रेसल की ड्राफ्टिंग कमेटी का भी हिस्सा रही। 

हिंदी और अंग्रेजी की बेहतरीन वक्ता
मीनाक्षी लेखी सांसद बनने से पहले विभिन्न मंचों पर भाजपा का पक्ष रखती रही है। हिंदी और अंग्रेजी की अच्छी वक्त है। राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों जैसे ट्रिपल तलाक समेत दिल्ली की समस्याओं पर संसद की बहस में भाग लेती रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी रह चुकी है। प्रदेश प्रवक्ता के बाद 2013 में लेखी को पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया था। 2014 में लेखी ने अपना पहला चुनाव नई दिल्ली लोकसभा सीट से जीती। 


दिल्ली के पिलंजी गांव को गोद लिया है
मीनाक्षी लेखी अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के साथ ही सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत पिलंजी गांव को भी आधुनिक सुविधा देने में जुटी हुई है। इस योजना के तहत लेखी ने पिलंजी गांव को गोद लिया है। 

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