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सुविधा : पर्यावरण अनुकूल होगा परिसर, ई-चार्जिंग स्टेशन के साथ 113 कारों की पार्किंग सुविधा भी मिलेगी
Fri, 29 Apr 2022 05:59 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 29 Apr 2022 05:59 AM IST
सार
नई दिल्ली क्षेत्र में ऐसे एक प्रमुख व्यावसायिक स्थान प्रदान करने पर एनडीएमसी को किराये के मद में करीब 2.4 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
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ई-वाहन चार्जिंग प्वाइंट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिवाजी स्टेडियम पर नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) की ओर से बस टर्मिनल एवं वाणिज्यिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। इससे लुटियन दिल्ली से गुजरने वालों को मध्य दिल्ली में एक आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल माहौल में खरीदारी का भी मौका मिलेगा। दो मंजिला परिसर में भूतल के अलावा दो बेसमेंट भी होंगे।
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14.85 मीटर ऊंची इमारत में ई-चार्जिंग स्टेशनों के साथ 113 कारों की पार्किंग सुविधा भी होगी। भूतल पर बसों की सुचारु आवाजाही की तमाम सुविधा होगी जबकि भूतल पर ऑटो-रिक्शा और कैब जैसी मल्टी-मॉडल परिवहन सुविधाओं के लिए पिक-ड्रॉप प्वाइंट बनाए जाएंगे।
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अनुमानित लागत करीब 57.4 करोड़ रुपये
उपाध्याय ने बताया कि प्रथम और दूसरे तल पर वाणिज्यिक परिसर और कार्यालय होंगे। कुल 2757 वर्ग मीटर के इस परिसर में जगह किराये पर मुहैया की जाएंगी।
नई दिल्ली क्षेत्र में ऐसे एक प्रमुख व्यावसायिक स्थान प्रदान करने पर एनडीएमसी को किराये के मद में करीब 2.4 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 57.4 करोड़ रुपये है। कार्य सौंपने के बाद दो साल के भीतर इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।
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इसके लिए हाल ही में एक निविदा आमंत्रित की गई जबकि तकनीकी बोली मई माह में खोली जाएगी। आवेदनों की जांच के बाद वित्तीय बोली के लिए अगला कदम बढ़ाते हुए कार्यादेश जारी किया जाएगा। अगस्त 2022 तक इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
फ्लाई ऐश ईंटों का किया जाएगा इस्तेमाल
परिसर की फर्श पर ग्रेनाइट, दरवाजे और खिड़कियों पर लकड़ी और प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा। स्टेनलेस स्टील की रेलिंग होंगी जबकि सड़कों का निर्माण वैक्यूम डिवाटर ट्रिमिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि परिसर को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल हरित भवन बनाने के उद्देश्य से फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया जाएगा। परिसर के अंदर अधिकतम प्रकाश प्राप्त हो और ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए मोटे ग्लास का इस्तेमाल किया जाएगा। इस भवन में पीने का पानी, दोहरी वितरण प्रणाली, सीवेज उपचार संयंत्र, सौर पैनल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
2025 तक हरित ऊर्जा पर स्विच करने वाला पहला निकाय होगा
इन विशेषताओं के आधार पर 2025 तक एनडीएमसी पूरी तरह से हरित ऊर्जा पर स्विच करने वाला पहला शहरी स्थानीय निकाय बन जाएगा। उपाध्याय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने 2014 के दौरान प्रत्येक शहर में बाजार क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, पार्कों आदि में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छता मिशन की घोषणा की थी।
इस पहल के पीछे एनडीएमसी का मकसद अपने क्षेत्र को सुशोभित कर सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित करना है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ऽईज ऑफ डूइंग बिजनेसऽ पर कारोबारी माहौल में सुधार करना है।