Delhi: यूईआर-2 एक्सटेंशन से जाम-प्रदूषण में राहत, पांच माह बाद शुरू होगा बाहरी इलाके को नई रफ्तार देने का काम
दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या को कम करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाने की तैयारी है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) के एक्सटेंशन की परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लगभग तैयार हो चुकी है।
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दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या को कम करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाने की तैयारी है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) के एक्सटेंशन की परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लगभग तैयार हो चुकी है। दिल्ली के हिस्से का रूट भी तय कर लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर और कई अन्य राज्यों के वाहन चालकों को सीधा लाभ मिलेगा। मौजूदा समय में यूईआर-2 को सितंबर में अलीपुर से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई एयरपोर्ट) तक शुरू किया गया था। अब इसके विस्तार के तहत इसे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) लगभग 17 किलोमीटर लंबा नया मार्ग तैयार करेगा। इस मार्ग के बन जाने से न सिर्फ दिल्ली बल्कि गुरुग्राम, एयरपोर्ट, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आवाजाही करने वाले वाहनों को सीधा लाभ मिलेगा।
दिल्ली देहात विकास मंच के चेयरमैन भूपेंद्र बाजाड़ ने कहा कि यूईआर-2 के एक्स्टेंशन का काम एनएचएआई की तरफ से तेजी से शुरू करने का काम किया रहा है। पांच माह बाद निर्माण संबंधी गतिविधियां भी शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि बाहरी दिल्ली के क्षेत्र में लैंड पूलिंग समेत अन्य तरह की गतिविधियां हुई है। इससे भूमि अधिग्रहण में अड़चने आती हैं। लेकिन एनएचएआई की ओर से काम करने के दौरान इस तरह की दिक्कत नहीं होगी। बता दें कि यूईआर-2 को दो बड़े एक्सप्रेसवे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इस योजना के तहत 20 किलोमीटर और 17 किलोमीटर लंबी दो सड़कों का निर्माण होगा। इस कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के बनने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की ओर जाने वाले वाहन चालकों को दिल्ली के बीचोंबीच घुसने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे राजधानी के अंदरूनी हिस्सों में जाम नहीं लगेगा। साथ ही, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद से आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
राजधानी के भीतर जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत
यूईआर-दो को अलीपुर के पास सेसे शुरू होकर 17 किलोमीटर लंबी सड़क बाहरी दिल्ली के हिरनकी होते हुए गाजियाबाद के मंडोला और ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके बनने से उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम और हरियाणा-राजस्थान से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा फायदा होगा। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों के वाहनों देहरादून या उत्तराखंड जाने के लिए दिल्ली के अंदर होकर नहीं जाना पड़ेगा। मौजूदा समय में राजस्थान और हरियाणा के वाहन दिल्ली के अंदर की सड़कों से होकर उत्तराखंड की ओर जाते हैं। वहीं दूसरा कनेक्शन के तौर पर यूईआर-दो को रोहिणी और अलीपुर के बीच कंझावला और झज्जर के लडरावण होते हुए जसौरखेड़ी से शुरू हो रहे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। 20 किलोमीटर लंबी यह सड़क होगी। इस बाइपास के तैयार होने के बाद दिल्ली, गुरुग्राम और एयरपोर्ट से आने वाले वाहन सीधे उत्तर भारत की ओर जा सकेंगे।