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देवरिया और गोरखपुर के ध्यानार्थ : एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाश पकड़े
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बिजली बिल जमा करने के नाम पर पीड़ित के मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर दिया वारदात को अंजाम
करोड़ों रुपये की ठगी में शामिल हैं आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को मध्य जिला की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मास्टरमाइंड, देवरिया, यूपी निवासी अभय सहानी (25) और गोरखपुर, यूपी निवासी उमेश कुमार रजक (25) के रूप में हुई है।
आरोपी किसी भी बहाने से पीड़ितों को फोन कर उनसे एपीके फाइल डाउनलोड करवा देते थे। इसके बाद मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा लेते थे। आरोपी करोड़ों रुपये की ठगी में शामिल हैं। अभय ने खुलासा किया है कि उसने यूट्यूब से एपीके फाइल बनाना सीखा और वारदात को अंजाम दिया। मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि मध्य जिला निवासी एक शख्स ने 29 जुलाई 2025 को 1.21 लाख रुपये साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने उनसे कहा कि उनका बिजली का बिल जमा नहीं है। यदि उसे जमा नहीं किया गया तो मीटर कट जाएगा।
आरोपियों ने पीड़ित के व्हाट्सएप पर कस्टमर सपोर्ट एपीके फाइल भेजी और इसको डाउनलोड कर पेमेंट करने के लिए कहा। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद पीड़ित के साथ साइबर ठगी हो गई। मध्य जिला के साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच हुई तो पता चला कि फुली अनडिटेक्टेबल (एफयूडी) एपीके से वारदात को अंजाम दिया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने 5 दिसंबर 2025 को गोरखपुर में छापेमारी कर उमेश कुमार रजक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे एफयूडी एपीके फाइल टेलीग्राम के जरिए अभय सहानी ने उपलब्ध करवाई थी। पुलिस ने अभय की तलाश शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई। आरोपी अभय सहानी को 14 मई 2026 को देवरिया, यूपी से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन के अलावा ठगी की रकम से ली गई कार भी बरामद की गई है।
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करोड़ों रुपये की ठगी में शामिल हैं आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को मध्य जिला की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मास्टरमाइंड, देवरिया, यूपी निवासी अभय सहानी (25) और गोरखपुर, यूपी निवासी उमेश कुमार रजक (25) के रूप में हुई है।
आरोपी किसी भी बहाने से पीड़ितों को फोन कर उनसे एपीके फाइल डाउनलोड करवा देते थे। इसके बाद मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर उनके बैंक खातों में सेंध लगा लेते थे। आरोपी करोड़ों रुपये की ठगी में शामिल हैं। अभय ने खुलासा किया है कि उसने यूट्यूब से एपीके फाइल बनाना सीखा और वारदात को अंजाम दिया। मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि मध्य जिला निवासी एक शख्स ने 29 जुलाई 2025 को 1.21 लाख रुपये साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने उनसे कहा कि उनका बिजली का बिल जमा नहीं है। यदि उसे जमा नहीं किया गया तो मीटर कट जाएगा।
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आरोपियों ने पीड़ित के व्हाट्सएप पर कस्टमर सपोर्ट एपीके फाइल भेजी और इसको डाउनलोड कर पेमेंट करने के लिए कहा। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद पीड़ित के साथ साइबर ठगी हो गई। मध्य जिला के साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच हुई तो पता चला कि फुली अनडिटेक्टेबल (एफयूडी) एपीके से वारदात को अंजाम दिया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने 5 दिसंबर 2025 को गोरखपुर में छापेमारी कर उमेश कुमार रजक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे एफयूडी एपीके फाइल टेलीग्राम के जरिए अभय सहानी ने उपलब्ध करवाई थी। पुलिस ने अभय की तलाश शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली गई। आरोपी अभय सहानी को 14 मई 2026 को देवरिया, यूपी से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन के अलावा ठगी की रकम से ली गई कार भी बरामद की गई है।
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