फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Two held come to kill Human rights activists Sushil Pandit

मानवाधिकार कार्यकर्ता सुशील पंडित को मारने आए दो धरे

Sun, 28 Feb 2021 01:50 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 01:50 AM IST
विज्ञापन
Two held come to kill Human rights activists Sushil Pandit
नई दिल्ली। मानवाधिकार कार्यकर्ता और कश्मीरी एक्टिविस्ट सुशील पंडित की हत्या की साजिश को नाकाम कर दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने दो भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पंजाब में फरीदकोट के कोटकापुरा निवासी सुखविंदर सिंह (25) और लखन (21) से चार पिस्टल व चार कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में दो स्टार पिस्टल पाकिस्तान निर्मित हैं। इन्होंने सुनील पंडित की हत्या के लिए 10-10 लाख रुपये में सौदा किया था। आशंका है कि यह साजिश पड़ोसी देश में रची गई थी। फिलहाल जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई है। आरोपियों के पास से बरामद एक मोबाइल फोन में सुशील पंडित की फोटो मिली है।
विज्ञापन

दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि आरके पुरम थाना पुलिस को बदमाशों के इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को वेंकटेश्वर मार्ग, आरके पुरम से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे सुशील पंडित की हत्या के लिए दिल्ली आए हैं तो पुलिस के होश उड़ गए। इन दोनों को प्रिंस उर्फ टुट्टी ने सुपारी दी थी। उसने ही दोनों को दो स्टार समेत चार पिस्टल व एक मोबाइल फोन में सुशील की फोटो उपलब्ध कराई थी। प्रिंस ने हत्या के बाद दोनों को दस-दस लाख रुपये देने का वादा किया था। लखन ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली के विजय विहार में रह रहा है। प्रिंस उर्फ टुट्टी व लखन बचपन के दोस्त हैं। प्रिंस के खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है।
विज्ञापन

सुशील कश्मीर के विस्थापित पंडितों के लिए हमेशा से आवाज उठाते रहे हैं। इसी कारण वे पाकिस्तान की आंखों में खटक रहे हैं। दोनों भाड़े के हत्यारों के खुलासे से साफ है कि साजिश किसी विदेशी ताकत ने रची है। इनसे बरामद स्टार पिस्टल इस दावे को और पुख्ता करती हैं। सुपारी देने वाला प्रिंस उर्फ टुट्टी हाथ नहीं आया है। केस की फाइल स्पेशल सेल को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुशील पंडित भारतीय कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वर्ष 1990 में कश्मीर से निकाले गए कश्मीरी पंडितों के हक के लिए सुशील लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके अलावा, वे कश्मीर से धारा-370 हटाने के समर्थक हैं। वे एक निजी कंपनी चलाते हैं और उसके सीईओ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed