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Delhi News: सरकारी फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले सरगना समेत दो गिरफ्तार

Mon, 19 May 2025 10:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 May 2025 10:22 PM IST
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Two arrested including the kingpin who cheated by creating a fake government website
सरकारी फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले सरगना समेत दो गिरफ्तार
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- जालसाज ग्रामीण विकास मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर सरकारी नौकरी का झांसा देते थे
-आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, 21 खातों की चेक बुक, चार नकली रबड़ की मोहर व अन्य उपकरण बरामद


संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। नई दिल्ली जिला की साइबर थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह के सरगना समेत दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सरगना हैदराबाद स्थित तेलंगाना के रशीद चौधरी और असम के करीम गंज के इकबाल हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से अपराध में उपयोग 11 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, 21 खातों की चेक बुक, चार नकली रबड़ की मोहर व अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
जालसाज ग्रामीण विकास मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर सरकारी नौकरी का झांसा देते थे और वेबसाइट पर प्रसारित क्यूआर कोड से पैसे ट्रांसफर कराते थे। हालांकि, पुलिस उनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। जिला पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से 22 मार्च को शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें बताया गया था कि फर्जी वेबसाइट www.nrdrm.com और www.nrdrmvacany.com पर मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की तस्वीरों के साथ फर्जी भर्ती विज्ञापनों का प्रसार किया जा रहा है। भर्ती के लिए पंजीकरण के बहाने पीड़ितों से भुगतान की मांग की जाती थी। 23 मार्च को साइबर पुलिस थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान फर्जी वेबसाइटों से जुड़ा एक क्यूआर कोड मिला, जिसका इस्तेमाल पीड़ितों से 299 और 399 रुपये की पंजीकरण फीस लेने के लिए किया था।
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पैसे को आगे कई खातों में भेजा और बाद में एटीएम के जरिए निकाला

क्यूआर कोड के जरिए यह पैसा असम के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के खाते में जमा किया गया था। पैसे को आगे कई खातों में भेजा गया और बाद में एटीएम के जरिए निकाला गया। इसके बाद विभिन्न बैंकों के एटीएम से नकदी निकासी के सैकड़ों से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे संदिग्धों का पता दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में लगाया गया। निगरानी से पता चला कि वह शकरपुर, लक्ष्मी नगर में किराए के फ्लैट में रहते हैं।
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फर्जी आनलाइन विज्ञापनों के जरिए चला रहा थे रैकेट

हुसैन ने पूछताछ में बताया कि उसका काम एटीएम से नकदी निकालना और इसे मास्टरमाइंड राशिद चौधरी को सौंपना था। उसकी निशानदेही पर लक्ष्मी नगर इलाके में छापा मार कर पुलिस ने गिरोह के सरगना राशिद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। राशिद ने फर्जी साइट बनाने के लिए वेब डेवलपर्स, विज्ञापनों के प्रबंधन के लिए आपरेटिव और बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करने के लिए अन्य लोगों सहित विशेषज्ञों की एक टीम बना रखी थी। वह रैकेट के प्रबंधक और प्रशिक्षक दोनों के रूप में काम करता था।
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