{"_id":"6104fac3612c810b591beca3","slug":"two-arrested-for-misappropriating-49-lakh-from-private-company-false-complaint-of-kidnapping-lodged-to-save-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: निजी कंपनी से 49 लाख रुपये की हेराफेरी में दो गिरफ्तार, पुलिस से बचने को दर्ज कराई अपहरण की झूठी शिकायत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: निजी कंपनी से 49 लाख रुपये की हेराफेरी में दो गिरफ्तार, पुलिस से बचने को दर्ज कराई अपहरण की झूठी शिकायत
Sat, 31 Jul 2021 12:54 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sat, 31 Jul 2021 12:54 PM IST
सार
पुलिस ने बताया कि उसके खुलासे पर मॉडल टाउन निवासी उसके साथी सुखविंदर सिंह (30) को भी गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
गिरफ्तारी
- फोटो : is
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को 38 वर्षीय व्यक्ति को अपने सहयोगियी के साथ एक कंपनी में कथित तौर पर 49 लाख रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया की हेराफेरी के तीन साल बाद शख्स की गिरफ्तारी हुई है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने आरोपी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए कंपनी के खिलाफ अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी लोकेश शर्मा को आईएसबीटी कश्मीरी गेट से पकड़ा गया है। उसने साल 2016 में निजी कंपनी में कैशियर के रूप में काम शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि उसके खुलासे पर मॉडल टाउन निवासी उसके साथी सुखविंदर सिंह (30) को भी गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
कृष ऑटोमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड पीतमपुरा के लेखा प्रबंधक राजन गुप्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि लोकेश शर्मा और सुखविंदर शर्मा 2016 से 2018 तक उनकी फर्म में कैशियर के रूप में कार्यरत थे। ऑडिट में यह पाया गया कि उनके द्वारा कंपनी के खातों से 49 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी।
विज्ञापन
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर 2018 में दोनों आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ मंगोलपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से पता चला कि दोनों ने 49 लाख रुपये की हेराफेरी की है।
पुलिस ने कहा कि आरोपी लोकेश ने शिकायतकर्ता कंपनी के खिलाफ कथित उत्पीड़न के लिए एक सुसाइड नोट भी लिखा था। बिना किसी को बताए अपने घर से निकल गया था। बाद में उसके परिवार वालों की शिकायत पर बुराड़ी थाने में कंपनी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि लोकेश और सुखविंदर दोनों 2018 से अपने-अपने घर से फरार थे।