फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Trials Begin on 22 New Technologies in Search of Clean Air Final Report Expected in July in Delhi

Delhi: साफ हवा की तलाश में दिल्ली में 22 नई तकनीकों पर ट्रायल शुरू, जुलाई में आएगी फाइनल रिपोर्ट

Tue, 07 Apr 2026 02:38 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 07 Apr 2026 02:38 AM IST
सार

प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने नई तकनीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इनोवेशन चैलेंज के तहत चुनी गई 22 तकनीकों पर ट्रायल अब शुरू किए जा रहे हैं। इस दिशा में सोमवार को पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में बैठक की गई।

विज्ञापन
Trials Begin on 22 New Technologies in Search of Clean Air Final Report Expected in July in Delhi
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा - फोटो : एएनआई

विस्तार

प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने नई तकनीकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इनोवेशन चैलेंज के तहत चुनी गई 22 तकनीकों पर ट्रायल अब शुरू किए जा रहे हैं। इस दिशा में सोमवार को पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में बैठक की गई। उसमें डीटीसी, एनडीएमसी, एमसीडी, डीएफएस, डीटीआईडीसी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में निर्देश दिए गए कि इन तकनीकों के ट्रायल में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सभी एजेंसियों को जगह देने, बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने और जरूरी अनुमति देने जैसे काम तुरंत पूरे करने को कहा गया। मंत्री ने साफ कहा कि हर विभाग सिर्फ मदद देने की न सोचे, बल्कि दिल्ली की हवा को बेहतर बनाने के लिए इसे मिशन के तौर पर ले।

विज्ञापन


ट्रायल के लिए 22 तकनीकें चुनी गईं
इस इनोवेशन चैलेंज में देशभर से आई 284 एंट्री में से 22 तकनीकों को ट्रायल के लिए चुना गया है। इनमें 13 तकनीकें वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित हैं, जैसे रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस, एयर फिल्टर और डस्ट कलेक्टर। वहीं 9 समाधान वातावरण में मौजूद धूल और कणों को कम करने के लिए हैं, जिनमें बड़े एयर प्यूरीफायर, एयर ट्रीटमेंट टावर और रोड डिवाइडर पर लगने वाले डस्ट कलेक्टर शामिल हैं।
विज्ञापन


इन जगहों पर होने हैं ट्रायल
इन तकनीकों को आईएसबीटी कश्मीरी गेट, लाल किला, फायर स्टेशन, हेल्थ सेंटर और पंजाबी बाग, कीर्ति नगर, रोहिणी जैसे इलाकों में लगाया जाएगा। हर तकनीक के ट्रायल पर सरकार करीब 10 लाख रुपये तक खर्च कर सकती है। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वालों को 50 लाख, 25 लाख और 10 लाख रुपये तक के पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जुलाई में आएगी फाइनल रिपोर्ट
इन ट्रायल्स की निगरानी आईआईटी दिल्ली, नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (एनपीएल) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईकैट) करेंगे। 30 से 90 दिन के भीतर डाटा जुटाया जाएगा, मई के अंत तक रिपोर्ट तैयार होगी और जुलाई तक सरकार को अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed