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आरएफआईडी सिस्टम में खराबी से सीमाओं पर ट्रैफिक जाम
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नई दिल्ली। रेडियो फ्रीकवेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) सिस्टम में तकनीकी खामियों के कारण दिल्ली की सीमाओं पर पीक ऑवर में लगातार जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। शुक्रवार सुबह भी दिल्ली के टोल नाकों पर जाम देखने को मिला। दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली के 124 टोल नाकों पर आरएफआईडी तकनीक को लागू किया है। इसे एक जुलाई से सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। हालांकि उन 11 नाकों पर अभी आरएफआईडी सिस्टम लागू नहीं है, जहां किसान आंदोलन कर रहे हैं।
दक्षिण निगम के एक अधिकारी के मुताबिक टोल संचालन करने वाले कर्मचारियों को व्यावसायिक वाहनों से आरएफआईडी तकनीक से ही टोल वसूलने के लिए कहा गया है। जबकि इससे पहले नगद में भी टोल टैक्स चुका कर वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिल जाती थी। फिलहाल अधिकारी ने यह भी कहा कि यातायात जाम की समस्या शुरुआत में आ रही है, इसे लेकर अधिकारी लगातार काम भी कर रहे हैं। जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी।
दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने बताया कि दिल्ली के तमाम टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस वजह से व्यवसायिक वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भी सीमाओं पर वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। क्योंकि आरएफआईडी के सेंसर कई बार फेल हो जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने निगम अधिकारियों से मुलाकात कर आरएफआईडी तकनीक को एक जुलाई के बदले 30 सितंबर से लागू करने की मांग की है। निगम अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 5 लाख आरएफआईडी टैग की बिक्री हुई है।
डीएनडी पर फंसे एक राहगीर प्रियांश ने बताया कि उन्हें नोएडा से चाणक्यपुरी पहुंचने में केवल 45 मिनट का समय लगता है। लेकिन टोल प्लाजा पर आरएफआईडी तकनीक की वजह से लगने वाले जाम के कारण उन्हें डेढ़ घंटे की देरी हुई। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों की वजह से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दक्षिण निगम के एक अधिकारी के मुताबिक टोल संचालन करने वाले कर्मचारियों को व्यावसायिक वाहनों से आरएफआईडी तकनीक से ही टोल वसूलने के लिए कहा गया है। जबकि इससे पहले नगद में भी टोल टैक्स चुका कर वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिल जाती थी। फिलहाल अधिकारी ने यह भी कहा कि यातायात जाम की समस्या शुरुआत में आ रही है, इसे लेकर अधिकारी लगातार काम भी कर रहे हैं। जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी।
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दिल्ली टैक्सी टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने बताया कि दिल्ली के तमाम टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस वजह से व्यवसायिक वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भी सीमाओं पर वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। क्योंकि आरएफआईडी के सेंसर कई बार फेल हो जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने निगम अधिकारियों से मुलाकात कर आरएफआईडी तकनीक को एक जुलाई के बदले 30 सितंबर से लागू करने की मांग की है। निगम अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 5 लाख आरएफआईडी टैग की बिक्री हुई है।
डीएनडी पर फंसे एक राहगीर प्रियांश ने बताया कि उन्हें नोएडा से चाणक्यपुरी पहुंचने में केवल 45 मिनट का समय लगता है। लेकिन टोल प्लाजा पर आरएफआईडी तकनीक की वजह से लगने वाले जाम के कारण उन्हें डेढ़ घंटे की देरी हुई। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों की वजह से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।