दिल्ली: अफगानिस्तान से आए तीन लोग कोरोना संक्रमित, एलएनजेपी में कराया भर्ती, हाई अलर्ट पर एयरपोर्ट प्रशासन
आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात एक अधिकारी के मुताबिक, रविवार को अफगानिस्तान से आई उड़ानों से दो अफगान सांसदों समेत 392 लोगों को लाया गया था। वहीं, सोमवार को 146 यात्रियों के साथ एक फ्लाईट दोहा से आई थी।
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अफगानिस्तान से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची फ्लाईट में तीन शख्स कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें से दो को इलाज के लिए लोक नायक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जबकि एक को छावला के कोविड केयर केंद्र में क्वरंटीन है। संक्रमण का मामला मिलने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन हाई अलर्ट पर है। एयरपोर्ट पर अफगानिस्तान से आने वाले सभी यात्रियों को 14 दिन के क्वरंटीन में भेज दिया गया है। वहीं, दूसरे यात्रियों की भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात एक अधिकारी के मुताबिक, रविवार को अफगानिस्तान से आई उड़ानों से दो अफगान सांसदों समेत 392 लोगों को लाया गया था। वहीं, सोमवार को 146 यात्रियों के साथ एक फ्लाईट दोहा से आई थी। इससे पहले इन सभी भारतीय नागरिकों को अफगानिस्तान से निकालकर दोहा ले जाया गया था। एयरपोर्ट पर आने के बाद सभी नागरिकों की कोरोना जांच कराई गई थी। इसमें से तीन लोग संक्रमित मिले हैं। इसमें से दो रविवार की फ्लाईट से और एक सोमवार की फ्लाईट पर सवार थे।
दूसरी तरफ लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट पर जांच में तीन लोग संक्रमित मिले थे। इनमें से दो को अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती किया गया है। इनमें से एक मेघालय का है और दूसरा आंध्र प्रदेश का दोनों संक्रमितों में बेहद हल्के लक्षण हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है। एक दो दिन में इन मरीजों के नमूने जीनोम सीक्वेंसींग के लिए भी भेजे जाएंगे। इनमें से एक मेघालय और दूसरा आंध्र प्रदेश का है।
14 दिन के क्वारंटीन में रहना होगा
गांधीनगर एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि अफगानिस्तान से पहुंचे बच्चों सहित 78 लोगों को दिल्ली हवाई अड्डे से आईटीबीपी के छावला कैंप ले जाया गया रहा है, जहां वे अनिवार्य रूप से 14-दिवसीय संस्थागत क्वारंटीन में रहेंगे। क्वारंटीन के समय के दौरान अगर किसी मरीज में संक्रमण के लक्षण दिखाई देंगे तो उसकी जांच की जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को उसकी स्थिति के हिसाब से कोविड केंद्र या अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
कोविड महामारी के दौरान विदेशों में मारे गए भारतीय नागरिकों को मुआवजे पर विचार का निर्देश
हाई कोर्ट ने केद्र सरकार को कोविड महामारी के दौरान विदेशों में मारे गए भारतीय नागरिकों को बतौर मुआवजा अनुग्रह राशि का भुगतान करने की मांग याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश प्रवासी लीगल सेल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची के वकील ने अदालत से सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों के समक्ष नए सिरे से ज्ञापन देने की इजाजत मांगी।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के हालही में दिए आदेश का हवाला देते हुए कहा राष्ट्रीय प्राधिकरण को ऐसे मामलों में न्यूनतम मानकों को निर्धारित कर पीड़ितो को राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा शीर्ष अदालत ने रीपक कंसल बनाम भारत सरकार के मामले में मरने वालों के परिवार के सदस्यों को मुआवजे के भुगतान के लिए कहा था। वे कोविड -19 बीमारी से मरने वाले हो या कोविड 19 जटिलताओं के बाद के हो।
याची ने अदालत से आग्रह किया कि विदेशों में भारतीय मिशनों को उन भारतीय नागरिकों का उचित डेटा एकत्र करने और बनाए रखने के लिए निर्देश देने की मांग की थी, जो कोविड -19 के कारण विदेशों में मारे गए थे। उन्होंने कहा केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि भारत में कोविड-19 के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए प्रस्तावित कल्याण योजना का विस्तार विदेशों में रहने वाले नागरिकों तक किया जाए।
इसके अलावा यह भी आग्रह किया गया कि सरकार को पीएम-केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत ऐसे भारतीय बच्चों को शामिल करना चाहिए, जिन्होंने विदेशों में कोविड -19 के कारण माता-पिता या कानूनी अभिभावक, दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिए है।
पीठ ने केंद्र सरकार को इस याचिका को विषय पर लागू कानून, नियमों, विनियमों और सरकारी नीतियों के अनुसार बतौर एक ज्ञापन के रूप में विचार करने का निर्देश दिया है।