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अगस्त में तीसरी लहर की आशंका: महाराष्ट्र में तीन दिन से लगातार बढ़ रहे मामले, कुछ दिनों बाद दिल्ली में दिखेगा असर
Sat, 26 Jun 2021 06:54 AM IST
Vikas Kumar
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 26 Jun 2021 06:54 AM IST
सार
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमलजीत सिंह का कहना है कि जब भी महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में इजाफा होता है उसका असर कुछ समय बाद दिल्ली पर भी होता है।
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दिल्ली के लक्ष्मीनगर बाजार में लोगों की भारी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजधानी में कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह काबू में है, लेकिन अब संभावित तीसरी लहर का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिस हिसाब से महाराष्ट्र में संक्रमण के नए मामलों में फिर से इजाफा होने लगा है। इसको देखते हुए दिल्ली में अगस्त में ही कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका है। इस बड़ा कारण देश में फैल रहा डेल्टा प्लस वैरिएंट भी माना जा रहा है।
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दिल्ली में पिछले एक माह से कोरोना के नए मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है, लेकिन इस बीच अन्य राज्यों में मिल रहे कोविड के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है इस वैरिएंट को केंद्र सरकार ने 'चिंताजनक स्वरूप' के रूप में टैग किया है। इसके सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट में आ रहे हैं। जिस हिसाब से वहां मामले बढ़ रहे हैं। उससे तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि इससे पहले आ चुकी दोनों लहर के दौरान भी पहले महाराष्ट्र में मामले बढ़े थे। फिर दिल्ली में भी इसका असर दिखने लगा था।
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एम्स के कार्डियक रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टर अमरींद्र सिंह मल्ही ने बताया कि अगली लहर आने का खतरा वायरस के इस नए डेल्टा पल्स वैरिएंट के दिल्ली में आने की संभावना पर टिका है। देश के कई राज्यों में अब डेल्टा प्लस वेरिंएट के मामले आ रहे हैं और जिस हिसाब से अनलॉक के बाद लोगों का एक से दूसरे राज्यों में आवागमन हो रहा है। उससे वह नए वैरिंएंट के वाहक बन सकते हैं और इसको राजधानी में भी फैला सकते हैं। यह भी हो सकता है कि यहां संक्रमण के इस नए स्वरूप का कोई व्यक्ति हो। इसलिए इस बात की पूरी आशंका है कि तीसरी लहर आएगी और वह एक से डेढ़ महीन में भी आ सकती है।
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वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमलजीत सिंह का कहना है कि जब भी महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में इजाफा होता है। उसका असर कुछ समय बाद दिल्ली पर भी होता है। क्योंकि दिल्ली में कई लोग रोजाना बाहर से आते हैं। इनमें अन्य राज्यों से आने वालों की काफी संख्या रहती है। इसलिए इस बात की पूरी आशंका है कि जुलाई के आखिर या अगस्त तक यहां तीसरी लहर आ सकती है, हालांकि यह उतनी घातक नहीं होगी जैसी दूसरी थी।
यह है बचने का तरीका
डॉक्टर अमरींद्र सिंह का कहना है अगली लहर के खतरे को कम करने के तीन तरीके हैं। पहला बड़े स्तर पर जीनोम जांच को बढ़ाया जाए। इससे वायरस के नए वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति कि सही समय पर पहचान हो सकेगी और उस स्ट्रेन वाले क्षेत्र को कंटेन करके वायरस के प्रसार को रोका जा सकेगा। इसलिए अब यह जरूरी हो गया है कि कुछ सैंपलों की जीनोम जांच नियमित तौर पर की जाए।
दूसरा और सबसे अहम तरीका यह है कि लोग मास्क, दो गज की दूरी और बार-बार हाथ धोने के नियमों का सख्ती से पालन करें। वह यह समझे कि कोरोना का प्रसार कुछ ही समय के लिए कम हुआ है, यह खत्म नहीं हुआ है। इसलिए वेवजह बाहर न निकले। तीसरा तरीका यह है कि सभी पात्र लोग जल्द से जल्द टीका लगवा लें।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ चिंता का कारण
डॉ. अमरींद्र के मुताबिक, इस समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर काफी भीड़ है। जहां लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार की लापरवाही के कारण संक्रमण का प्रसार दोबारा शुरू हो सकता है। लोगों को यह सोचना चाहिए कि फिलहाल वायरस काबू में तो है लेकिन नया स्ट्रेन कभी भी दस्तक दे सकता है। जिसके बाद मामले बढ़ेंगे ही। ऐसे में जरूरी है कि लोग खुद सावधानी बरतें और सतर्क रहें।
अब तक कोरोना की स्थिति
कुल मामले-14,33,590
स्वस्थ हुए-14,06,958
मौतें-24,952
रिकवरी दर-98.8
कुल संक्रमण दर-6.78
मृत्यु दर-1.74