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विधान : दिल्ली के तीनों नगर निगमों का कार्यकाल समाप्त, अब नहीं होगी सदन की बैठक
Fri, 01 Apr 2022 04:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 Apr 2022 04:45 AM IST
सार
अब महापौर, सदन और स्थायी समिति समेत तमाम समितियों के अध्यक्ष अब संबंधित समिति की बैठक नहीं कर सकेंगे। कोई भी पार्षद किसी भी तरह के विधायी व वित्तीय कार्य की सिफारिश नहीं करेगा।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत राजधानी के तीनों नगर निगमों का कार्यकाल बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। ऐसे में महापौर, सदन और स्थायी समिति समेत तमाम समितियों के अध्यक्ष अब संबंधित समिति की बैठक नहीं कर सकेंगे।
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कोई भी पार्षद किसी भी तरह के विधायी व वित्तीय कार्य की सिफारिश नहीं करेगा। हालांकि, पांच साल पहले गठित होने के दिन 18 मई या इससे भी पहले निगम भंग होने तक पार्षद अपने पद पर आसीन रह सकेंगे। डीएमसी एक्ट की धारा दो (67) के तहत एक अप्रैल को नया वित्तीय वर्ष शुरू होता है। 2017 में गठित तीनों नगर निगमों के पांचों वित्तीय वर्ष बृहस्पतिवार को समाप्त हो गए हैं। इस वजह से तीनों नगर निगमों में विधायी पक्ष की तमाम गतिविधि नहीं हो सकेंगी।
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उधर, तीनों नगर निगमों के सचिव कार्यालय ने विधायी पक्ष का कार्यकाल समाप्त होने और उनकी ओर से बैठकें करने के संबंध में पहले ली गई कानूनी राय की प्रतियां फाइलों से निकाल ली है। उसकी ओर से शुक्रवार को महापौर और सभी समितियों के अध्यक्षों को कानूनी राय के बारे में अवगत कराया जाएगा। उनको बताया जाएगा कि उनकी नगर निगम के कार्यालय के पांच वर्ष हो चुके है।
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एक्ट की धारा 35 के अनुसार नगर निगम के लिए प्रत्येक वर्ष अपनी प्रथम बैठक में महापौर का चुनाव कराना आवश्यक है। इस कारण तीनों नगर निगम के पांचों साल के दौरान महापौर का चुनाव हो चुका है। लिहाजा अब तीनों नगर निगमों के सदन की बैठक नहीं हो सकेगी, क्योंकि छटे साल महापौर का चुनाव कराने का कोई प्रावधान नहीं है।
दूसरी ओर तीनों नगर निगमों के निगम सचिव कार्यालयों के अधिकारियों ने बताया कि महापौर सदन एवं समितियों के अध्यक्ष अपनी समिति की बैठक बुलाने के लिए उन्हें पत्र लिखेंगे तो वे पत्र को अस्वीकार कर देंगे।