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दिल्ली का बजट : लुप्त हो चुकी साहिबी नदी होगी जिंदा, 2024 तक यमुना में लगा सकेंगे डुबकी
Sun, 27 Mar 2022 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 27 Mar 2022 05:29 AM IST
सार
नजफगढ़ नाले के पानी को किया जाएगा साफ, यमुना में नहीं गिरेगा नाले का पानी, पर्यावरण एवं वन क्षेत्र के लिए 266 करोड़ रुपये का प्रावधान।
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यमुना नदी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने 2024 तक यमुना को साफ करने का लक्ष्य रखा है। इसकी झलक बजट में दिखी है। इसके लिए सरकार नजफगढ़ नाले में तब्दील हुई साहिबी नदी को फिर से जिंदा करेगी। वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट में इसका खाका पेश कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार नजफगढ़ ड्रेन के पानी के साफ करने के साथ सड़क के दोनों तरफ सौंदर्यीकरण करेगी। इसके लिए बजट में 705 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साफ होने से आने वाले दो सालों में यमुना को भी पूरी तरह से साफ किया जा सकेगा।
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उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि नजफगढ़ ड्रेन को पुनर्जीवित करने के लिए विस्तृत योजना पर काम शुरू हो गया है। नजफगढ़ ड्रेन में फ्लोटिंग वेटलैंड और फ्लोटिंग एयरेटर लगाकर पानी को साफ किया जाएगा। साथ ही ड्रेन की सफाई और दोनों तरफ की सड़कों के सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू होगा। इसके बाद इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर साहिबी नदी को वापस उसके स्वरूप में लाया जाएगा।
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साहिबी नदी का इतिहास : साहिबी नदी का उद्गम राजस्थान के सीकर जिले के कस्बे अजीतगढ़ के पूर्व में दो किलोमीटर दूरी पर स्थित धारा जी के मंदिर के पास से होता है। राजस्थान से लेकर दिल्ली तक नदी की कुल लंबाई 300 किलोमीटर है। यह पहले सीधे यमुना नदी में गिरती थी, लेकिन बाद में इसका बहाव कम हो गया। नदी के लुप्त होने पर यह नाले के स्वरूप में आ गई। साथ ही इसे नजफगढ़ ड्रेन नाम से पहचान मिल गई। वर्तमान में इसमें दिल्ली के बड़े नालों का पानी गिरता है जो कि बाद में यमुना में जाकर मिल जाता है।
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इस तरह साफ होगी यमुना
वित्त मंत्री ने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए इसमें गिरने वाले सभी नालों का अवरोधन या शोधित जल संयंत्रों में ले जाकर पानी को साफ किया जाएगा या फिर इन-सीटू शोधन के माध्यम से गंदे पानी को साफ पानी में बदल दिया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और अगले दो सालों में यमुना को पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा।
दिल्ली में 24 घंटे मिलेगा पेयजल
वित्त मंत्री ने पानी को लेकर भी विधानसभा में आंकड़ों को पेश किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल शासन के मॉडल में 24 घंटे पीने का साफ पानी मिलने का सपना भी जल्द ही सच होगा। दिल्ली में पानी की उपलब्धता 10 फीसदी बढ़ चुकी है। पहले प्रतिदिन 915 एमजीडी(मिलियन गैलन्स पर डे) पानी उपलब्ध होता था, जो कि अब बढ़कर 985 एमजीडी हो गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली को बाहर से मिल रहे पानी के बेहतर प्रबंधन और बारिश के पानी के बेहतर संचयन से आने वाले तीन साल में हर घर 24 घंटे पानी सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 2015 में दिल्ली वालों के लिए 20 किलो लीटर प्रति माह, प्रति उपभोक्ता पीने का पानी मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना इस साल भी लगातार जारी रहेगी। औसतन 6.50 लाख उपभोक्ताओं के पानी के बिल इस योजना के तहत हर माह शून्य आते हैं। वहीं, इस साल के अंत तक सभी अनधिकृत कॉलोनियों में 100 फीसदी सीवर कनेक्शन पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र को विकसित कर 6 लाख लोगों को मिलेगा काम
बजट में 25 नोटिफाइड नॉन-कंफर्मिंग औद्योगिक क्षेत्र के विकास की नीति तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि यहां 16 लाख लोग रोजगार करते हैं। इन क्षेत्रों का पुनर्विकास करना आवश्यक है। बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। इन क्षेत्रों के पुनर्विकास होने पर 6 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।