{"_id":"64b00947774a7b62e00e91e7","slug":"the-kanwariyas-carrying-the-kanwars-in-a-different-style-ashram-news-c-340-1-del1011-18831-2023-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़िये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़िये
विज्ञापन
गोमुख व हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर पहुंच रहे शिवभक्त
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में गोमुख एवं हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह सिलसिला शुक्रवार की शाम तक जारी रहेगा। राजधानी की सड़कें कांवड़ियों और शिविरों से पूरी तरह शिवमय हो गई हैं। शिविरों में दिनभर लाउड स्पीकर बजाकर और रात को गायकों द्वारा शंकर भगवान का गुणगान किया जा रहा है।
राजधानी की सड़कों व शिविरों में कांवड़िये ही नजर आ रहे हैं। क्योंकि दूसरे राज्यों के साथ-साथ स्थानीय कांवड़िये भी आने शुरू हो गए हैं। राजधानी के अधिकतर कांवड़िये शुक्रवार की शाम तक आ जाएंगे। शिविरों में कांवड़ियों के लिए खाने, आराम करने, नहाने आदि के अलावा चिकित्सा सेवाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। अनेक भक्तों ने कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए चलती-फिरती डिस्पेंसरियां भी लगा दी हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा व उनको दुर्घटना से बचाने के लिए पुलिस भी चौराहों पर तैनात हो गई है।
आकर्षण का केंद्र बने कांवड़िये
गोमुख और हरिद्वार से अनेक शिवभक्त अलग-अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आ रहे हैं। वह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोग अपने मोबाइल फोन के कैमरे में उनके अंदाज को कैद करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में कांवड़िये झुला कांवड़ लेकर आए हैं। कुछ कांवड़िये जहां खड़ी कांवड़ लाए हैं तो वहीं कुछ बैठी कांवड़ भी लाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में गोमुख एवं हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह सिलसिला शुक्रवार की शाम तक जारी रहेगा। राजधानी की सड़कें कांवड़ियों और शिविरों से पूरी तरह शिवमय हो गई हैं। शिविरों में दिनभर लाउड स्पीकर बजाकर और रात को गायकों द्वारा शंकर भगवान का गुणगान किया जा रहा है।
राजधानी की सड़कों व शिविरों में कांवड़िये ही नजर आ रहे हैं। क्योंकि दूसरे राज्यों के साथ-साथ स्थानीय कांवड़िये भी आने शुरू हो गए हैं। राजधानी के अधिकतर कांवड़िये शुक्रवार की शाम तक आ जाएंगे। शिविरों में कांवड़ियों के लिए खाने, आराम करने, नहाने आदि के अलावा चिकित्सा सेवाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। अनेक भक्तों ने कांवड़ियों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए चलती-फिरती डिस्पेंसरियां भी लगा दी हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा व उनको दुर्घटना से बचाने के लिए पुलिस भी चौराहों पर तैनात हो गई है।
विज्ञापन
आकर्षण का केंद्र बने कांवड़िये
गोमुख और हरिद्वार से अनेक शिवभक्त अलग-अलग अंदाज में कांवड़ लेकर आ रहे हैं। वह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोग अपने मोबाइल फोन के कैमरे में उनके अंदाज को कैद करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बड़ी संख्या में कांवड़िये झुला कांवड़ लेकर आए हैं। कुछ कांवड़िये जहां खड़ी कांवड़ लाए हैं तो वहीं कुछ बैठी कांवड़ भी लाए हैं।
विज्ञापन