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दिल्ली : उज्बेकिस्तान से हजारों किमी भरी उड़ान...दिल्ली में मिला जीवनदान
Thu, 20 Jan 2022 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 05:12 AM IST
सार
तीन वर्षीय बच्चे के सिर में था गेंद के आकार का ट्यूमर। द्वारका स्थित आकाश अस्पताल के डॉक्टरों ने करीब नौ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की।
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अपने पिता की गोद में मास्टर असाडबेक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्बेकिस्तान से दिल्ली पहुंचे तीन साल के बच्चे को डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। इस बच्चे के मस्तिष्क में ट्यूमर था, जिसका आकार सामान्य क्रिकेट गेंद से लगभग दोगुना बड़ा था। द्वारका स्थित आकाश अस्पताल के डॉक्टरों ने करीब नौ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की। यह प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि डॉक्टरों को पतली मस्तिष्क की धमनियों को बचाते हुए ऑपरेशन करना था। ये धमनियां सात सेंटीमीटर लंबे ट्यूमर के नीचे आ गई थीं।
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उज्बेकिस्तान निवासी मास्टर असाडबेक की आयु तीन वर्ष है। हाल ही में यह दिल्ली अपने पिता के साथ इलाज कराने के लिए आया। अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. नागेश चंद्रा ने बताया कि ओपीडी में जब उन्होंने बच्चे को देखा तो मस्तिष्क में बड़े ट्यूमर का पता चला। इसकी वजह से बच्चे को कई बार मिर्गी के दौरे पड़ते थे और उसे चलने में कठिनाई होती थी। माता-पिता ने उसे कई जगह दिखाया, लेकिन सभी ने सर्जरी से इनकार कर दिया।
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डॉ. नागेश ने बताया कि उनके यहां माइक्रोस्कोपिक तकनीक है, जिसके जरिए मरीज की रिकवरी भी काफी तेजी से होती है। बच्चे का ऑपरेशन इसी तकनीक से किया गया। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन अगले कुछ दिन बच्चा चिकित्सीय निगरानी में रहेगा।
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