{"_id":"611bfd8d8ebc3e42e670c149","slug":"take-a-himalayan-walk-in-du-ashram-news-noi5996568169","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीयू में कर सकेंगे हिमालय की सैर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीयू में कर सकेंगे हिमालय की सैर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन से विश्व के साथ-साथ हिमालय भी काफी प्रभावित हो रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय लगातार हिमालय को बचाने की दिशा में कदम उठा रहा है। जल्द ही डीयू कैंपस में हिमालय की सैर की जा सकेगी। इसके लिए हिमालय संग्रहालय खोले जाने की तैैयारी हो रही है।
डीयू के सेंटर फॉर हिमालयन स्टडी सेंटर के तहत खुुलने वालेे इस संग्रहालय में साहित्य, वीडियो और अन्य दस्तावेज रखे जाएंगे। विवि का मानना है कि इस पर्वत श्रृंखला को बचाने के लिए वहां के ईको सिस्टम और संस्कृति को समझना जरूरी है।
डीयू ने हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं पर शोध करने के लिए चार माह पहले सेंटर फॉर हिमालयन स्टडीज सेंटर स्थापित किया है। फिलहाल यहां शोध कार्य किए जा रहे हैं। अब संग्रहालय खोलने की तैयारी की जा रही है। मंगलवार को डीयू में 2050 के परे हिमालय के भविष्य पर एक वेबिनार आयोजित किया गया।
विज्ञापन
इसमें हिमालय खतरे में है, इस कारण भूस्खलन, बादलों का फटना व बाढ़ जैसी आपदाएं लगातार हो रही हैं, इस पर चर्चा की गई। वेबिनार में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ अनिल प्रकाश जोशी व प्रसिद्ध शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डीयू कार्यवाहक कुुलपति प्रो पीसी जोशी ने कहा कि हिमालय को बचाने के लिए देश के लोगों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमालयन स्टडीज सेंटर में हिमालय के हर पहलुओं पर रिसर्च हो रही है। अब जल्द ही कैंपस में हिमालय संग्रहालय स्थापित करेंगे। इसके लिए डीयू हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
सेंटर फॉर हिमालय स्टडीज के संस्थापक निदेशक व इंस्ट्यिूट ऑफ बॉयो रिसर्च एंड सस्टेेनेबल डेवलेपमेंट के पूर्व निदेशक प्रो दीनबंधु साहू ने कहा कि हिमालय पर्वत श्रृंखला का काफी महत्व है। यह ना केवल भारत की सुरक्षा का प्रहरी है, बल्कि कई नदियों का उद्गम भी यहीं से होता है। इन नदियों के कारण ही मैदानी इलाकों में जमीन उपजाऊ बनती है।
उन्होंने कहा यहां दुर्लभ जड़ी बूटियां हैं, साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी यह प्रसिद्ध है। इतने महत्व के कारण इसे बचाना जरूरी है। इसके लिए संग्रहालय स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। लोगों को हिमालय से परिचित कराना जरूरी है जिससे वह उसे बचाने के विषय में सोचें और प्रकृति से प्यार करना सीखें। कैंपस में संग्रहालय स्थापित करने के पीछे यही सोच है।
विज्ञापन
डीयू के सेंटर फॉर हिमालयन स्टडी सेंटर के तहत खुुलने वालेे इस संग्रहालय में साहित्य, वीडियो और अन्य दस्तावेज रखे जाएंगे। विवि का मानना है कि इस पर्वत श्रृंखला को बचाने के लिए वहां के ईको सिस्टम और संस्कृति को समझना जरूरी है।
विज्ञापन
डीयू ने हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं पर शोध करने के लिए चार माह पहले सेंटर फॉर हिमालयन स्टडीज सेंटर स्थापित किया है। फिलहाल यहां शोध कार्य किए जा रहे हैं। अब संग्रहालय खोलने की तैयारी की जा रही है। मंगलवार को डीयू में 2050 के परे हिमालय के भविष्य पर एक वेबिनार आयोजित किया गया।
विज्ञापन
इसमें हिमालय खतरे में है, इस कारण भूस्खलन, बादलों का फटना व बाढ़ जैसी आपदाएं लगातार हो रही हैं, इस पर चर्चा की गई। वेबिनार में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ अनिल प्रकाश जोशी व प्रसिद्ध शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डीयू कार्यवाहक कुुलपति प्रो पीसी जोशी ने कहा कि हिमालय को बचाने के लिए देश के लोगों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमालयन स्टडीज सेंटर में हिमालय के हर पहलुओं पर रिसर्च हो रही है। अब जल्द ही कैंपस में हिमालय संग्रहालय स्थापित करेंगे। इसके लिए डीयू हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
सेंटर फॉर हिमालय स्टडीज के संस्थापक निदेशक व इंस्ट्यिूट ऑफ बॉयो रिसर्च एंड सस्टेेनेबल डेवलेपमेंट के पूर्व निदेशक प्रो दीनबंधु साहू ने कहा कि हिमालय पर्वत श्रृंखला का काफी महत्व है। यह ना केवल भारत की सुरक्षा का प्रहरी है, बल्कि कई नदियों का उद्गम भी यहीं से होता है। इन नदियों के कारण ही मैदानी इलाकों में जमीन उपजाऊ बनती है।
उन्होंने कहा यहां दुर्लभ जड़ी बूटियां हैं, साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी यह प्रसिद्ध है। इतने महत्व के कारण इसे बचाना जरूरी है। इसके लिए संग्रहालय स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। लोगों को हिमालय से परिचित कराना जरूरी है जिससे वह उसे बचाने के विषय में सोचें और प्रकृति से प्यार करना सीखें। कैंपस में संग्रहालय स्थापित करने के पीछे यही सोच है।