फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   students getting mentally affected during corona pandemic

कोरोना महामारी में स्कूल-कॉलेजों के छात्र हो रहे मानसिक रूप से परेशान

Tue, 03 Aug 2021 12:55 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 12:55 AM IST
विज्ञापन
students getting mentally affected during corona pandemic
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित एक याचिका पर सोमवार को दिल्ली सरकार से जवाब मांगा। याचिका में स्कूल कॉलेजों में क्लीनिकल मनोचिकित्सकों, काउंसलर व मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की नियुक्ति को अनिवार्य करने की मांग की गई है।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 को लागू करने के लिए 17 वर्षीय छात्रा देविना सिंह की जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। इतना ही नहीं अदालत ने मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान को भी नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 16 सितंबर तय की है।
विज्ञापन

याचिका में यह भी कहा गया है कि कोविड -19 महामारी का छात्रों पर बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप माता-पिता की चिंता, दैनिक दिनचर्या में व्यवधान, पारिवारिक हिंसा में वृद्धि, और घरों में रहने के कारण शिक्षकों तक पहुंच कम हुई है या शारीरिक गतिविधि नहीं के बराबर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भारतीय राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए याची ने कहा कि बच्चे और किशोर मानसिक विकारों की चपेट में हैं और स्वास्थ्य प्रणाली मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं देती है।
याची की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर ने कहा कि तनाव, भय, अवसाद, अनिद्रा और आत्मविश्वास की कमी विद्यार्थियों के बीच व्यापक रूप से प्रचलित मुद्दे हैं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जाता। याचिका में कहा गया है शारीरिक स्वास्थ्य के विपरीत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में कोई व्यापक मूल्यांकन और निदान, प्रोटोकॉल, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) नहीं है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कोविड महामारी का छात्रों पर एक बड़ा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है। ये माता पिता की चिंता, दैनिक दिनचर्या के व्यवधान, परिवार हिंसा में वृद्धि, और साथियों, शिक्षकों, या शारीरिक गतिविधि के लिए कम या कोई पहुंच न होने के कारण या घर में रहने के कारण वे गहरे तनाव में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed