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9वीं-11वीं में ग्रेस मार्क्स से प्रोमोट विद्यार्थियों के लिए स्पेशल क्लास
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से होनी हैं। कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों ने 10 माह बाद स्कूल आना शुरू किया है। ऐसे में सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूूलों में 9वीं-11वीं में ग्रेस मार्क्स लेकर 10वीं व 12वीं में प्रमोट हुए विद्यार्थियों की स्पेशल क्लास लगेगी। स्कूलों में इनकी पहचान कर प्रत्येक शिक्षक को दो से तीन बच्चों को गोद लेना होगा। वे इन्हें बेहतर तरीके से परीक्षा की तैयारी कराएंगे। इन बच्चों की प्रगति रोज मॉनिटर कर सुधार के लिए गाइड करेंगे।
शिक्षा निदेशालय ने 12वीं व 12वीं परीक्षा की तैयारियों के लिए कमर कस ली है। सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों को जारी दिशा-निर्देश के आधार पर बच्चों की तैयारी करानी होगी। निदेशालय का मानना है कि बच्चे 10 माह बाद स्कूल आने के कारण बोर्ड परीक्षा को लेकर काफी तनाव में होंगे। अपरिहार्य कारणों से कुछ बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले सके होंगे। उन्हें इस तनाव से निकालकर बेहतर तैयारी कराना जरूरी है।
निदेशालय ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि महामारी के कारण 30 फीसदी कम किए पाठ्यक्रम के अभ्यास के लिए प्लॉन ऑफ एक्शन बनाएं। कम किए पाठ्यक्रम के संबंध में बच्चों को बताया जाए। सीबीएसई ने प्रश्न पत्र के डिजाइन में भी संशोधन किया है। नए डिजाइन के संबंध में कक्षा में चर्चा की जाए। 10वीं कक्षा के लिए अंग्रेजी विषय में पहली बार एनालिटिकल पेैराग्राफ राइटिंग होगी। ऐसे में इसके अनुसार प्रैक्टिस कराने के लिए कहा गया है, ताकि वे इसके लिए तैयार रहें।
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साथ ही, प्रत्येक विषय के लिए रोज एक यूनिट टेस्ट लिया जाए। ऑनलाइन प्रैक्टिस पेपर का ज्यादा अभ्यास कराया जाए। कुछ विषय ऑनलाइन कक्षाओं में पूरे नहीं हो सके। ऐसे में स्कूलों से कहा गया है कि इन विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं अपने स्तर पर लें। बायोलॉजी, केमिस्ट्री, गणित, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडी जैसे विषयों के पाठ्यक्रम का कुछ हिस्सा शेष है। प्री-बोर्ड से पहले इन विषयों का पाठ्यक्रम स्कूलों में पूरा कराया जाए।
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शिक्षा निदेशालय ने 12वीं व 12वीं परीक्षा की तैयारियों के लिए कमर कस ली है। सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों को जारी दिशा-निर्देश के आधार पर बच्चों की तैयारी करानी होगी। निदेशालय का मानना है कि बच्चे 10 माह बाद स्कूल आने के कारण बोर्ड परीक्षा को लेकर काफी तनाव में होंगे। अपरिहार्य कारणों से कुछ बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले सके होंगे। उन्हें इस तनाव से निकालकर बेहतर तैयारी कराना जरूरी है।
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निदेशालय ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि महामारी के कारण 30 फीसदी कम किए पाठ्यक्रम के अभ्यास के लिए प्लॉन ऑफ एक्शन बनाएं। कम किए पाठ्यक्रम के संबंध में बच्चों को बताया जाए। सीबीएसई ने प्रश्न पत्र के डिजाइन में भी संशोधन किया है। नए डिजाइन के संबंध में कक्षा में चर्चा की जाए। 10वीं कक्षा के लिए अंग्रेजी विषय में पहली बार एनालिटिकल पेैराग्राफ राइटिंग होगी। ऐसे में इसके अनुसार प्रैक्टिस कराने के लिए कहा गया है, ताकि वे इसके लिए तैयार रहें।
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साथ ही, प्रत्येक विषय के लिए रोज एक यूनिट टेस्ट लिया जाए। ऑनलाइन प्रैक्टिस पेपर का ज्यादा अभ्यास कराया जाए। कुछ विषय ऑनलाइन कक्षाओं में पूरे नहीं हो सके। ऐसे में स्कूलों से कहा गया है कि इन विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं अपने स्तर पर लें। बायोलॉजी, केमिस्ट्री, गणित, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडी जैसे विषयों के पाठ्यक्रम का कुछ हिस्सा शेष है। प्री-बोर्ड से पहले इन विषयों का पाठ्यक्रम स्कूलों में पूरा कराया जाए।