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दिल्ली : नगर निगम ने शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट पर बढ़ाई क्षमता

Tue, 04 May 2021 05:03 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Tue, 04 May 2021 05:03 PM IST
सार

कोरोना मृतकों के लिए कुल 436 प्लेटफॉर्म आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सराय काले खान श्मशान में 50 और ग्रीन पार्क श्मशान में 13 प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं।

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South Delhi Municipal Corporation increased capacity at crematoriums for performing last rites of Covid victims
श्मशान में जलती चिताएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में कोरोना से हो रही मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लाशों को रखने तक के लिए जगह नहीं है। इस बीच दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाटों पर क्षमता बढ़ाई है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए क्षमता बढ़ाई है। 

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कोरोना मृतकों के लिए कुल 436 प्लेटफॉर्म आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सराय काले खान श्मशान में 50 और ग्रीन पार्क श्मशान में 13 प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। एसडीएमसी ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोरोना मृतकों के दाह संस्कार के लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी उपलब्ध हो।
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साथ ही एसडीएमसी ने सभी उपायुक्तों से कहा है कि वे श्मशान केंद्रों की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था करें। सभी केंद्रों पर लकड़ी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और श्मशान की निगरानी करने के लिए सहायक आयुक्तों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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बता दें कि अंतिम निवास में गत 15 दिन से रोजाना 50 से 70 शवों का अंतिम संस्कार किया रहा है। इस दौरान अधिकतर मृतकों के परिजन चिता को अग्नि देने के तत्काल बाद घर चले जाते हैं । उनके जाने पर संस्था के सदस्य ही पूरी क्रिया संपन्न कर रहे हैं। कई बार शव को पूरी तरहा जलाने में लकड़ी भी कम पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में संस्था के सदस्य ही लकड़ी की व्यवस्था करते हैं। इनका कहना है कि परिजन अपनी लाचारी बताते हुए उन्हें चिता संभालने के लिए बोलकर चले जाते हैं।
 

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