कोरोना वैक्सीन: स्वास्थ्य कर्मियों के मुकाबले बुजुर्गों में कम दिखा दुष्प्रभाव, रिकॉर्ड 35,738 लोगों ने लगवाया टीका
-स्वास्थ्य कर्मचारियों के मुकाबले महज 5 फीसदी बुजुर्गों में टीका लगने के बाद आई कोई परेशानी
-दुष्प्रभाव के मामले कम होने का बड़ा कारण मनोदशा और फोबिया है
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राजधानी में कोरोना टीकाकरण अभियान को 53 दिन हो गए हैं। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के साथ-साथ बुजुर्गों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। दिल्ली में अभी तक टीका लगने के बाद दुष्प्रभाव को कोई गंभीर मामल सामने नहीं आया है। इसमें एक खास बात यह है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों के मुकाबले बुजुर्गों में वैक्सीन के दुष्प्भाव के मामले 10 फीसदी से भी कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुष्प्रभाव के मामलों में अंतर का कारण व्यक्ति की मनोदशा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 1 मार्च से दूसरे चरण का टीकाकरण शुरू हुआ था। उसके बाद बीते 6 दिन में कुल 75 हजार बुजुर्गों(60 साल से अधिक उम्र वाले) का टीकाकरण हो चुका है। इनमें से महज 12 लोगों को टीके लगने के बाद हल्के बुखार और दर्द की शिकायत हुई थी। इस हिसाब से देखें तो 99.93 फीसदी बुजुर्गो को वैक्सीन लेने के बाद कोई परेशानी नहीं आई। उधर, स्वास्थ्य कर्मचारियों की बात करें तो 75 हजार कर्मचारियों के टीकाकरण में दुष्प्रभाव के 263 मामले आए थे। आंकड़ों पर गौर कर तो बुजुर्गों के मुकाबले स्वास्थ्य कर्मचारियों में वैक्सीन के दुष्प्रभाव के 10 फीसदी मामले भी नहीं है।
आरएमएल अस्पताल के मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर आर.पी बेनिवाल ने बताया कि दुष्प्रभाव के मामले कम होने का बड़ा कारण मनोदशा और फोबिया है। शुरू में लोगों के दिमाग में टीके को लेकर कुछ संदेह था। चूंकि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ही वैक्सीन ली थी। ऐसे में उनके मन में भी कुछ संदेह था। इसके कारण उन्हें कुछ हल्की भी परेशानी भी होती तो लगता था कि यह टीका का दुष्प्रभाव है। वहीं, बुजुर्गों की बात करें तो जब तक उनका वैक्सीनेशन का नंबर आया। तबतक यह साबित हो चुका था कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। ऐसे में उनके मन में कोई डर नहीं था। यही कारण है कि उनमें टीका लगवाने के लिए उत्साह दिखाई दे रहा है और वैक्सीन लगने के बाद उनको कोई खास शिकायत नहीं हुई है। आंकड़े भी यही दर्शा रह है।
रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा टीकाकरण
राजधानी में दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान में हर दिन रिकॉर्ड बन रहा है। इसका कारण यह है कि बुजुर्गे बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवा रहे हैं। महज एक सप्ताह में ही 75 हजार बुजुर्ग टीका लगवा चुके हैं। वहीं, इतने ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने में तीन सप्ताह का समय लगा था। बढ़ते टीकाकरण को देखते हुए केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के लिए अलग केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है।
दूसरे चरण के टीकाकरण के आंकड़े
तारीख- वैक्सीन लगी
1 मार्च 15521
2 21277
3 25054
4 27959
5 27057
6 33287
नोट-आंकडे स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।
रिकॉर्ड 35,738 लोगों ने लगवाया टीका
राजधानी में कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में सोमवार को रिकॉर्ड 35,738 लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया। इससे पहले शनिवार को 33 हजार लोगों ने टीका लगवाया था। कुल 28422 लोगों ने पहली डोज ली और 7316 लोगों ने दूसरी डोज ली।68 फीसदी लोगों ने निजी अस्पतालों में और 32 फीसदी लोगों ने सरकारी अस्पतालों में टीका लगवाया।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 300 से अधिक केंद्रों पर वैक्सीन लगाई गई। इसमें बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक रही। सोमवार को 20,123 बुजुर्गों ने टीका लगवाया है वहीं, 45-59 साल के बीमारियों से पीड़ित 2710 लोगों ने टीका लगवाया। साथ ही 3252 अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और 2337 स्वास्थ्यकर्मियों ने भी टीका लगवाया। टीका लगवाने वाले लोगों में से मात्र एक को ही वैक्सीन लगने के बाद हल्के बुखार और दर्द की शिकायत हुई। उसे अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।
फोर्टिस अस्पताल में 1500 महिलाओं को निशुल्क लगा टीका
दिल्ली के सभी फोर्टिस अस्पतालों में सोमवार को 60 साल से अधिक उम्र वाली 1500 महिलाओं को निशुल्क टीका लगाया गया। निजी अस्पतालों में टीका निशुल्क नहीं है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह कदम उठाया।