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हुलिया और भाषा बदलकर दुष्कर्म के आरोपी तक पहुंचीं एसआई
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नई दिल्ली। डाबड़ी में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की महिला एसआई ने न सिर्फ अपना हुलिया बदला बल्कि अपनी भाषा भी बदल ली। फेसबुक के जरिये चैट कर आरोपी का मोबाइल नंबर लिया और वीडियो कॉल कर एक रेस्तरां में मिलने बुलाया। हालांकि आरोपी मिलने की जगह बदलकर नाटक करता रहा, लेकिन आखिर में धरा गया। उसकी पहचान महावीर एंक्लेव निवासी आकाश जैन (24) के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि आरोपी पांच लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर चुका है। पुलिस अन्य पीड़िताओं का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि 30 जुलाई को डाबड़ी पुलिस को 16 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म की कॉल मिली थी। किशोरी गर्भवती थी। पीड़िता ने बताया कि कुछ माह पूर्व उसको घर के पास एक युवक मिला था, जिसने उससे दोस्ती कर ली। इसके बाद आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। उसने अपना नाम आकाश बताया, लेकिन कभी भी मोबाइल नंबर नहीं दिया। उसके पास आकाश की कोई फोटो भी नहीं थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी के नाम के अलावा कोई अन्य जानकारी नहीं थी।
फेसबुक पर आकाश नाम के 100 युवकों की प्रोफाइल देखी
पुलिस ने सोशल मीडिया पर आरोपी को ढूंढ़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में फेसबुक पर आकाश नाम के करीब 100 युवकों की प्रोफोइल देखी। इन सभी की फोटो पीड़िता को दिखाई। इनमें से एक फोटो देखकर पीड़िता ने आकाश की पहचान कर ली। हालांकि फेसबुक पर आरोपी ने अपना पता या कोई और पहचान शेयर नहीं की थी।
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यूं पहुंची आरोपी तक
आरोपी तक पहुंचने की जिम्मेदारी डाबड़ी थाने की महिला एसआई प्रियंका को सौंपी गई। उन्होंने आरोपी के पास फेसबुक पर फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी और इस तरह आकाश को जाल में फंसाया। आरोपी को शक न हो इसके लिए प्रियंका ने अपना हुलिया ग्रामीण युवती का बनाया और बात भी देहाती भाषा में की। वीडियो चैट कॉल करने के बाद आकाश का मोबाइल नंबर भी ले लिया। एसआई प्रियंका ने आरोपी को पहले दशरथपुरी बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचा। इसके बाद दोबारा द्वारका सेक्टर-1 में मिलने की बात हुई। परंतु वहां नहीं आया। इसके बाद आरोपी ने माता मंदिर महावीर एंक्लेव में प्रियंका को बुलाया। यहां आते ही पुलिस ने आकाश को दबोच लिया। उसने बताया कि वह लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण करता है। वह न तो कभी अपना मोबाइल नंबर शेयर करता है और न ही असली नाम बताता है।
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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि 30 जुलाई को डाबड़ी पुलिस को 16 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म की कॉल मिली थी। किशोरी गर्भवती थी। पीड़िता ने बताया कि कुछ माह पूर्व उसको घर के पास एक युवक मिला था, जिसने उससे दोस्ती कर ली। इसके बाद आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। उसने अपना नाम आकाश बताया, लेकिन कभी भी मोबाइल नंबर नहीं दिया। उसके पास आकाश की कोई फोटो भी नहीं थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी के नाम के अलावा कोई अन्य जानकारी नहीं थी।
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फेसबुक पर आकाश नाम के 100 युवकों की प्रोफाइल देखी
पुलिस ने सोशल मीडिया पर आरोपी को ढूंढ़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में फेसबुक पर आकाश नाम के करीब 100 युवकों की प्रोफोइल देखी। इन सभी की फोटो पीड़िता को दिखाई। इनमें से एक फोटो देखकर पीड़िता ने आकाश की पहचान कर ली। हालांकि फेसबुक पर आरोपी ने अपना पता या कोई और पहचान शेयर नहीं की थी।
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यूं पहुंची आरोपी तक
आरोपी तक पहुंचने की जिम्मेदारी डाबड़ी थाने की महिला एसआई प्रियंका को सौंपी गई। उन्होंने आरोपी के पास फेसबुक पर फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी और इस तरह आकाश को जाल में फंसाया। आरोपी को शक न हो इसके लिए प्रियंका ने अपना हुलिया ग्रामीण युवती का बनाया और बात भी देहाती भाषा में की। वीडियो चैट कॉल करने के बाद आकाश का मोबाइल नंबर भी ले लिया। एसआई प्रियंका ने आरोपी को पहले दशरथपुरी बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचा। इसके बाद दोबारा द्वारका सेक्टर-1 में मिलने की बात हुई। परंतु वहां नहीं आया। इसके बाद आरोपी ने माता मंदिर महावीर एंक्लेव में प्रियंका को बुलाया। यहां आते ही पुलिस ने आकाश को दबोच लिया। उसने बताया कि वह लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण करता है। वह न तो कभी अपना मोबाइल नंबर शेयर करता है और न ही असली नाम बताता है।