फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Should have waited a few days and decided to open the school

कुछ दिन इंतजार करके लेना चाहिए था स्कूल खोलने का फैसला

Thu, 28 Oct 2021 12:39 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
Should have waited a few days and decided to open the school
नई दिल्ली। भले ही एक नवंबर से सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन त्यौहारी सीजन शुरू होने के कारण पूरी तरह से स्कूल आठ नवंबर से ही शुरू हो सकेंगे। दिल्ली में सभी स्कूल खोलने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन

अभिभावकों का कहना है कि सरकार को यह फैसला कुछ दिन इंतजार करके लेना चाहिए था। विदेशों में जिस तरह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे अभिभावक भी चिंतित हो गए हैं। वहीं स्कूलों ने इस फैसले का स्वागत किया है, स्कूलों का कहना है कि अब अन्य कक्षाओं के लिए स्कूल खोलना जरूरी हो गया था।
विज्ञापन

त्योहारों के बाद फैसला लेना चाहिए था
दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम कहती हैं कि दिल्ली के अधिकांश अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं। स्कूलों को त्यौहारों के बाद की स्थिति को देखते हुए खोलने का फैसला लेना चाहिए था। विदेशों में कोरोना के नए वैरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्कूलों को त्यौहारों से पहले छोटे बच्चों के लिए खोलने का निर्णय पूरी तरह से अभिभावकों के विचारों के विरोध में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहने और बच्चों पर स्कूल आने के लिए दबाव नहीं बनाने की बात कही गई है। लेकिन नौवीं से बारहवीं तक की जो कक्षाएं शुरू हुई हैं, वहां कई स्कूल बच्चों व अभिभावकों पर दबाव बनाकर स्कूल बुला रहे हैं। करोल बाग के नामी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावक अमित ने कहा कि उनका बच्चा तीसरी कक्षा में पढ़ता है। दिल्ली में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में हैं और वह बच्चे को स्कूल तो भेजना चाहते थे लेकिन दूसरे देशों मेें कोरोना के मामले बढ़ने के कारण डर सताने लगा है।
उनका बच्चा प्राइवेट कैब से स्कूल जाता है। लेकिन उन्हें अभी यह नहीं पता कि बच्चे को कैसे स्कूल पहुंचाएंगे। ऐसे में वह कहते हैं कि त्यौहारी सीजन के बाद कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है तो छठ का त्यौहार बीत जाने के बाद ही स्कूल खोले जाने के विषय में सोचना चाहिए था।
दीवाली का तोहफा मिला : स्कूल संचालक
स्कूल खोले जानेे के फैसले का स्कूल संचालकों ने स्वागत किया है। स्कूलों का कहना है कि अभिभावकों व स्कूलों को दीवाली से पहले दीवाली का तोहफा मिला है।
जोसेफ एंड मैरी स्कूल के निदेशक मनिन ठाकुर ने कहा कि यह फैसला सही है, अभी नौवीं से बारहवीं तक के बच्चे स्कूल आ रहे हैं और कोरोना बचाव के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। अब अन्य कक्षाओं के बच्चों के स्कूल आने पर भी कोरोना के सभी प्रोटोकॉल को पूरा किया जाएगा।

एसआर कैपिटल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन लक्ष्य छाबड़िया ने कहा कि हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। अन्य कक्षाओं के लिए अब स्कूल खुलना जरूरी हो गया था।
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन आर.सी जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल ने स्कूल खोलने का फैसला लेकर दीवाली का तोहफा दिया है।
उन्होंने कहा कि वह अभिभावकों को यह विश्वास दिलाते हैं स्कूलों में बच्चों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उसी स्टाफ, टीचर्स को स्कूलों में आने की अनुमति दी जाएगी जो वैक्सीन ले चुके होंगे। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जायेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed