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दिल्ली को फिर दहलाने की साजिश नाकाम

Fri, 18 Feb 2022 12:53 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 12:53 AM IST
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shake Delhi again
नई दिल्ली। दिल्ली को दहलाने की साजिश फिर से नाकाम हो गई। शाहदरा जिले के पुरानी सीमापुरी स्थित एक मकान में बृहस्पतिवार दोपहर बैग में मिले आईईडी को एनएसजी ने अपने कब्जे में ले लिया। दरअसल दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी में 14 जनवरी को मिले आईईडी की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल चार युवकों की तलाश में पुरानी सीमापुरी पहुंची थी। जहां, संदिग्ध युवक तो गायब मिले, लेकिन बंद कमरे को तोड़कर उसकी तलाशी में एक बैग में आईईडी मिला।
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आईईडी की पुष्टि होते ही एनएसजी के अलावा बाकी एजेंसियों को बुला लिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को खाली कराकर घेराबंदी कर दी। शाम को एनएसजी की टीम बम निरोधक दस्ते की मशीन में रखकर आईईडी को दिलशाद गार्डन स्थित एक पार्क में ले गई। वहां 12 फुट गहरा गड्ढा खुदवाकर 8.20 बजे धमाका कर बम को निष्क्रिय कर दिया गया।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाजीपुर फूल मंडी की जांच से जुड़ी स्पेशल टीम को संदिग्धों के छिपे होने की खबर मिली। टीम को करीब 1:45 बजे सुनार वाली गली के मकान नंबर-49 पर की दूसरी मंजिल पर कमरे की तलाशी में बैग में आईईडी होने का शक हुआ। डॉग स्क्वॉड की मदद से बम होने की पुष्टि हो गई। सूत्रों का कहना है कि आईईडी सक्रिय था और उसका टाइमर भी चालू था।
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एनएसजी की टीम ने करीब सात बजे डिफ्यूसिंग मशीन की मदद से आईईडी वाले बैग को सुरक्षित नीचे उतारा और दिलशाद गार्डन के जेएंडके ब्लॉक स्थित बड़े पार्क में ले आई। वहां आसपास की दुकानों व मार्केट को बंद करवा दिया गया। इसके अलावा वहां आने-जाने वाले ट्रैफिक को रोक दिया गया। एनएसजी की टीम ने गहरा गड्ढा खुदवाकर धमाका कर बम निष्क्रय कर दिया।
मौके पर दमकल की दो गाड़ियां, एंबुलेंस व बाकी एजेंसियां मौजूद थीं। शुरुआती जांच के बाद पता चला कि चारों युवकों ने दो माह पूर्व ही आसिम नामक मकान मालिक से कमरा किराये पर लिया हुआ था। पुलिस मकान मालिक के अलावा आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच के बाद पता चला कि आरोपी आसिम ने एक प्रॉपर्टी डीलर के कहने पर चारों को कमरे पर रखा था। पुलिस उस प्रॉपर्टी डीलर की भी तलाश कर रही है। पुलिस को चारों आरोपियों का फोटो और उनके मूल निवास का पता चला है। छह टीमों को संदिग्धों की तलाश में दिल्ली और यूपी भेजा गया है।
एक किमी दूर तक सुनी गई धमाके की आवाज
नई दिल्ली। सीमापुरी के मकान से मिले आईईडी को एनएसजी की टीम ने बृहस्पतिवार रात जैसे ही निष्क्रिय किया तो लोगों ने राहत की सांस ली। रात करीब 8.20 बजे जेसीबी की मदद से गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद बम को उसमें रखकर विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया गया। एक तेज और दूसरे हल्के धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इस दौरान मौके पर एफएसएल की टीम भी मौजूद रही। विस्फोट करने के बाद एफएसएल की टीम ने मौके से विस्फोटक के नमूने लिए। सूत्रों का कहना है कि गाजीपुर में मिले आईईडी को आरडीएक्स व अमोनियम नाइट्रेट की मदद से तैयार किया गया था। इस बम में भी इन विस्फोटक के मिलने की आशंका है। देर रात तक पूरे इलाके में बैरिकेडिंग लगी रही। जेएंडके ब्लॉक के आसपास रास्ते को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि दोपहर जब पुलिस टीम कमरे पर पहुंची थी तो वहां कमरे में जमीन पर बिछे कुछ बिस्तर और कपड़े मिले थे। इसके अलावा काले रंग के बैग में आईईडी रखा हुआ था। संदिग्धों ने इसे कहां के लिए प्लान किया था, इसका पता नहीं चला है। एनएसजी की टीम ने एक रस्सी में बांधकर उसे बिल्डिंग से नीचे लटकाया। इसके बाद बेहद सावधानी से उसे डिफ्यूजिंग मशीन में रखकर जेएंडके ब्लॉक के डीडीए पार्क में लाया गया। यहां आसपास लोगों को हटाकर जेसीबी की मदद से गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद उस गड्ढे में ही विस्फोट कराकर बम को निष्क्रिय कर दिया गया। बम निष्क्रिय करने के बाद स्पेशल सेल की टीम स्थानीय पुलिस की मदद से पूरे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जुटाने में लगी रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन संदिग्धों की फोटो तो पुलिस को मिल गई हैं, लेकिन यह किन-किन लोगों से मिलते और कौन-कौन इनसे मिलता था, उसकी पड़ताल की जा रही है।
गाजीपुर के अलावा जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी इसी तरह के मिले थे आईईडी
नई दिल्ली। देश का माहौल खराब करने के लिए सीमापार बैठे आतंकी संगठन लगातार साजिश रच रहे हैं। पिछले माह 14 जनवरी को गाजीपुर के अलावा जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी इसी तरह के आईईडी बरामद हुए थे। खुफिया एजेंसियां लगातार सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी हमलों के इनपुट दे रही थीं। एजेंसियां का कहना था कि यूपी चुनाव में गड़बड़ी फैलाने के लिए शरारती तत्व साजिश रच रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार को सीमापुरी से मिले आईईडी को बिल्कुल गाजीपुर में मिले आईईडी के पैटर्न पर तैयार किया गया था। सूत्रों ने तो यहां तक दावा किया कि जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी इसी तरह के आईईडी मिले थे। माना जा रहा है, इन सभी आईईडी को तैयार करने में किसी एक ही संगठन का हाथ है। इस बात की पूरी आशंका है कि सीमापुरी के मकान में रहने वाले संदिग्ध युवक संगठन के स्लीपर सेल या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गाजीपुर में पिछले माह मिले आईईडी की जांच करते हुए स्पेशल की टीम ने कुछ मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया था। उसके आधार पर टीम को पता चला था कि कुछ संदिग्ध दिल्ली-यूपी की सीमा के आसपास सक्रिय हैं। उसी की जांच करते हुए बृहस्पतिवार को टीम पुरानी सीमापुरी के मकान में पहुंची थी। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों को शायद पुलिस की भनक लग गई थी, इसलिए वह कमरा बंद कर फरार हो गए। आईईडी मिलने के बाद पुलिस ने पूरी बिल्डिंग से लोगों को निकालकर उसकी तलाशी ली।
बिल्डिंग के मालिक हासिम ने बताया कि कुछ समय पूर्व उसके पिता कासिम की मौत हो गई थी। उसके बाद मकान की देखभाल का जिम्मा उसे मिला था। वह खुद चांद मस्जिद वाली गली में रहता है। सुनार वाली गली में उसका तीन मंजिला एक अन्य मकान है, जिसमें करीब दो माह पूर्व एक युवक को इसे किराये पर दिया था। उस युवक ने बाद में कुछ और लड़कों के रहने की बात कही थी।
जांच में पता चला है कि करीब 10-12 दिन पूर्व इस मकान में तीन अन्य युवक आकर रहने लगे थे। वह क्या करते थे और कब आते-जाते थेे, इसका किसी को भी पता नहीं था। मकान मालिक हासिम ने बताया कि उसने पड़ोस के प्रॉपर्टी डीलर शकील के कहने पर कमरे को आरोपियों को दिया था। इन सभी लड़कों का पुलिस वैरीफिकेशन भी नहीं हो सका था। हासिम की पत्नी ने बताया कि बिल्डिंग में तीन अलग-अलग परिवारों से एक आरोपियों का कमरा भी शामिल था। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्पेशल सेल के अलावा बाकी जांच एजेंसियां मामले की छानबीन में जुटी हैं।
अचानक मोहल्ले में पहुंची पुलिस, कहा-जान का खतरा, खाली करो मकान
नई दिल्ली। दोपहर के करीब 2.15 बजे थे, अचानक पुरानी सीमापुरी की सुनार वाली गली के बाहर पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ गई। वहां आए पुलिस कर्मियों ने एक-एक दरवाजे को खटखटाकर मोहल्ले वालों से तुरंत मकान खाली करने के लिए कहा। पूछने पर वह कुछ नहीं बता रहे थे, उनका कहना था कि बस जान का खतरा है, तुरंत मकान खाली कर दो। इतनी पुलिस को देखकर मोहल्ले वालों के होश उड़ गए। देखते ही देखते वहां पुलिस की जिप्सी से बैरिकेड लगाकर पूरे मोहल्ले को सील कर दिया गया। जो रास्ता सुनार वाली गली को जाता था, हर उस रास्ते पर कई-कई पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया। लोग यह तो समझ गए थे कि हासिम के तीन मंजिला मकान में कुछ हुआ है, लेकिन किसी को भी हकीकत का पता नहीं चला था। देखते ही देखते वहां एनएसजी, दमकल विभाग व दूसरी एजेंसियों ने पहुंचना शुरू किया तो लोगों को पता चला कि यहां कोई बम मिला है। बम की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते पुरानी सीमापुरी में लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

हालात को देखते हुए वहां पर पुलिस को कई बार लोगों को वहां से हटाना पड़ा। आसपास की मार्केट को भी बंद करवा दिया गया। बैरिकेड पर खड़े जवानों से लोग सवाल-जवाब करते रहे। पुलिसकर्मी भी उनको कुछ बताने को तैयार नहीं थे। इधर पुलिस को देखकर इलाके के बच्चे भी खासे दहशत में दिखे। लोगों के चेहरों पर डर को साफ देखा जा सकता था। डर का माहौल इस कदर था कि पास में मौजूद स्कूल में अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंच चुके थे। दोपहर बाद तक लोगों की भारी भीड़ वहां जुटी रही। शाम के समय जब एनएसजी की टीम आईईडी को वहां से निकालकर ले गई तो लोगों ने राहत की सांस ली। शाम तक लोग बस आरोपियों की चर्चा करते रहे। कुछ पड़ोसियों ने बताया कि कमरे में रहने वाले आरोपी किसी से बातचीत नहीं करते थे। बस अक्सर उनको दुकान से छोटा-मोटा सामान खरीदते हुए देखा गया था। देर रात तक पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी रखी। एनएसजी की टीम बम ले गई तो पुलिस ने खाली कराए गए मकानों में लोगों को जाने दिया। हालांकि जिस बिल्डिंग में आईईडी मिला था, उसके आसपास के मकानों की घेराबंदी देर रात तक जारी रही।
आईईडी मिलने की टाइम लाइन
दोपहर 1.45 बजे: पुरानी सीमापुरी की सुनार वाली गली में स्पेशल सेल की टीम जांच के लिए पहुंची।
दोपहर 2.00 बजे: स्पेशल सेल की टीम ने आरोपियों के कमरे का दरवाजा तोड़ा और जांच शुरू की।
दोपहर 2.15 बजे: कमरे में विस्फोटक होने की आशंका पर अधिकारियों को सूचना दी गई।
दोपहर 2.30 बजे: बम व डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया, इसके बाद दमकल की गाड़ी भी पहुंची।
दोपहर 2.35 बजे: पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के मकानों को खाली करवाया।
दोपहर 2.50 बजे: एक बस में सवार होकर एनएसजी की टीम घटना स्थल पर पहुंची।
दोपहर 3.00 बजे: दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, डीसीपी, एसीपी समेत कई अधिकारी वहां पहुंचे।
शाम 6.45 बजे: बम को रस्सी की मदद से बिल्डिंग से नीचे उतारा गया।
शाम 7.00 बजे: एनएसजी की टीम आईईडी को लेकर दिलशाद गार्डन के पार्क में पहुंची।
रात 8.20 बजे: एनएसजी की टीम ने गड्ढा खोदकर आईईडी को निष्क्रिय कर दिया।
रात: 8.30 बजे: एफएसएल की टीम ने घटना स्थल से विस्फोटक के नमूने उठाए।
देर रात तक मामले की जांच जारी रही, पुलिस के अलावा दूसरी एजेंसियां भी जांच में जुटी रहीं।
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