फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Seats in reserved class train are less according to demand

रेल का हाल :  मांग के हिसाब से कम हैं आरक्षित श्रेणी की ट्रेन में सीटें

Fri, 06 Aug 2021 06:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 Aug 2021 06:43 AM IST
सार

  • हर साल करोड़ों लोगों का टिकट प्रतीक्षा सूची में होने की वजह से रद्द कर दिया जाता है
  • कोविड के दौरान भी बड़ी संख्या में लोग ट्रेन यात्रा नहीं कर सके

विज्ञापन
Seats in reserved class train are less according to demand
भारतीय रेल - फोटो : Social media

विस्तार

ट्रेन में आरक्षित बर्थ मिलना किसी चुनौती से कम नहीं है। कोविड काल हो या कोविड के पहले करोड़ों लोगों को मायूसी ही मिलती है और यात्रा करने के लिए किसी अन्य यातायात संसाधन को चुनना पड़ता है। आंकड़े बताते है कि कोविड पूर्व हर साल सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों का यात्रा टिकट प्रतीक्षा सूची ही रह गया और वे उस टिकट पर यात्रा करने से वंचित रह गए। इसका खामियाजा रेलवे को भी उठाना पड़ता है क्योंकि प्रतीक्षा सूची वाले टिकट का शुल्क सर्विस चार्ज लेकर वापस करना पड़ता है।

विज्ञापन


ट्रेन की मांग और आपूर्ति में काफी अंतर है। बड़ी संख्या में रोजाना विभिन्न दिशाओं के लिए चलाई जाती है, लेकिन आरक्षित श्रेणी की ट्रेन में सीट मांग के अनुसार काफी कम होती है। रेलवे के अधिकारिक आंकड़े के अनुसार कोविड काल की दूसरी लहर में भी जब लोग सफर करने से दूरी बनाए हुए थे तब 75 लाख से अधिक लोगों का टिकट कन्फर्म नहीं हो पाया और 2020-21 में यात्रा टिकट रेलवे ने 677 करोड़ रुपये का लौटाना पड़ा। इसी तरह 2018-19 में 3 करोड़ 20 लाख लोगों ने वेटिंग टिकट को कैंसिल करानी पड़ी। तो कोविड काल के पहले चरण में 2019-20 में 2 करोड़ 93 लाख लोगों ने वेटिंग टिकट को कैंसिल कराया। 
विज्ञापन


वेटिंग टिकट के अलावा भी करोड़ों लोग टिकटों को रद्द कराते है। रेलवे के आकड़े के अनुसार 2020-21 में 5,63,81,674 यात्रा टिकट रद्द किया गया तो इसके पहले के वित्त वर्ष में 9,41,57,175 यात्रा टिकट रेलवे के काउंटर व ऑनलाइन तरीके से रद्द किया गया। रेलवे का कहना है कि कम ठहरावोंऔर लोकप्रिय ट्रेनों में आमतौर पर प्रतीक्षा सूची अधिक रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह सुविधाजनक ट्रेनों में भी लगभग पूरे साल प्रतीक्षा-सूची रहती है। बहरहाल जिस रूट पर प्रतीक्षा सूची ज्यादा रहती है उस रूट पर स्पेशल ट्रेन चला कर भी यात्रियों की राह आसान की जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed