फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Schools taking three to four hours of online classes and Parents are afraid

कोरोना वायरस : तीन से चार घंटे की ऑनलाइन क्लास ले रहे स्कूल, अभिभावकों को सता रहा ये डर

Fri, 10 Apr 2020 09:43 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 10 Apr 2020 09:43 PM IST
विज्ञापन
Schools taking three to four hours of online classes and Parents are afraid
online class - फोटो : pixabay

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से देशव्यापी लॉकडाउन है। इस कारण स्कूलों में होने वाली कक्षाएं घरों में ही ऑनलाइन हो रही हैं। नामी स्कूल प्रतिदिन तीन से चार घंटे की ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। इतना ही नहीं जिन घरों में लैपटॉप व डेस्कटॉप नहीं है, वहां मोबाइल पर बच्चे कक्षाएं ले रहे हैं। 

विज्ञापन


ऐसे में अब अभिभावकों को डर सताने लगा है कि यह कक्षाएं कहीं स्कूल खुलते-खुलते बच्चों की आंखों, कमर व पीठ को प्रभावित ना कर दे। स्कूलों को कहना है कि पाठ्यक्रम पूरा कराना है, इसके लिए पढ़ाई जारी रखना जरूरी है।
विज्ञापन


पीतमपुरा निवासी नेहा ने बताया कि उनका एक बेटा नामी स्कूल में पढ़ता है। अब लॉकडाउन के कारण स्कूल प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षा लगा रहा है। इससे वह कम से कम तीन से चार घंटे लैपटॉप पर ही चिपका रहता है। इससे उसके बैठने की भी सही मुद्रा नहीं बन पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभिवावकों को चिंता सताने लगी है
उन्हें अब चिंता सताने लगी है कि कहीं स्कूल खुलते-खुलते बच्चे की आंखें व कमर ही प्रभावित ना हो जाए। वह कहती हैं कि स्कूल में बैठने की सही मुद्रा रहती है। लेकिन घर में वह कभी बिस्तर पर, कभी सोफे तो कभी टेबल कुर्सी पर बैठते हैं।

लैपटॉप-डेस्कटॉप नहीं होने से समस्या ज्यादा

वहीं दिलशाद गार्डन मेें रहने वाली तबस्सुम ने बताया कि उनके यहां लैपटॉप या डेस्कटॉप नहीं है। इस कारण दोनों बच्चे हमारे मोबाइल पर ही अपनी ऑनलाइन कक्षा लेते हैं। मोबाइल पर आंखें लगाए रखने के कारण आंखें खराब होने का डर है। 

वह कहती हैं कि मोबाइल पर पहले भी बच्चे गेम्स खेलते हैं लेकिन वह कुछ देर के लिए होता है। अब वह लगातार इतने घंटों तक मोबाइल पर ही रहते हैं। वहीं जिनके यहां तीन बच्चे हैं वहां लैपटॉप-डेस्कटॉप नहीं होने से समस्या ज्यादा है, क्योंकि फोन भी एक या दो ही हैं, जिस पर वह कक्षाएं ले सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed