दिल्ली : स्कूल-कॉलेज और बाजार आज से होंगे गुलजार, शर्तों के साथ जिंदगी फिर पकड़ेगी रफ्तार
सभी स्कूल अपनी क्षमता के हिसाब से बच्चों को बुला सकेंगे। इस दौरान छात्रों को अपने साथ सहमति पत्र ले जाना होगा।
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राजधानी के स्कूलों में आज से कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू होगी। सभी स्कूल अपनी क्षमता के हिसाब से बच्चों को बुला सकेंगे। इस दौरान छात्रों को अपने साथ सहमति पत्र ले जाना होगा। इस संबंध में स्कूलों की ओर से अभिभावकों को अनुमति पत्र भेज दिया गया था, जिस पर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अपनी सहमति देनी है। बिना अनुमति पत्र के स्कूल पहुंचने वाले बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
स्कूल खोलने के लिए प्रशासन की ओर से शनिवार तक सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। स्कूलों में हाईब्रिड यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में पढ़ाई जारी रहेगी। मयूर विहार फेज-3 स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सतवीर शर्मा ने बताया कि स्कूल को सैनिटाइज कर दिया गया है।
जरूरी दिशा-निर्देशों से संबंधित नोटिस स्कूल के मुख्य द्वार, कॉरिडोर व वॉश रूम के बाहर चस्पा किए गए हैं। स्कूल ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी स्टाफ का टीकाकरण हो गया हो। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल में आइसोलेशन के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है। इसमें नर्सिंग स्टाफ, ऑक्सीजन सिलिंडर व अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की गई है। प्रिंसिपल ने बताया कि सोमवार को 50 फीसदी बच्चों को ही स्कूल बुलाया जाएगा, जबकि 50 फीसदी बच्चों को मंगलवार को बुलाया जाएगा।
14 फरवरी से नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों को भी खोलने की तैयारी है। इसके लिए स्कूलों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, जिससे सभी अपने-अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर लें।
कॉलेज भी खुलेंगे...
आज से खुलेगा आईपीयू
राजधानी में दिल्ली सरकार के कॉलेजों के खुलने के क्रम में सोमवार से गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) भी खुल रहा है। इस संबंध में आईपीयू ने अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, आईपीयू से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों में अलग-अलग दिन विद्यार्थियों को बुलाने की सूचना है। आईपीयू के कुछ तकनीकी कॉलेजों में 9 फरवरी से छात्रों को कॉलेज पहुंचने के लिए कहा गया है। मुख्य कैंपस को 7 फरवरी से छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा।
डीयू के कॉलेजों को खोलने के लिए करेंगे प्रदर्शन
बंदिशों में ढील मिलने के बाद भी अभी दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को खोलने का फैसला नहीं लिया है। प्रशासन का कहना है कि यहां देशभर से छात्र-छात्राएं आते हैं। ऐसे में अभी कोरोना की स्थिति पर गौर कर विचार किया जाएगा। कॉलेज न खुलने से नाराज छात्र सोमवार को 11 बजे कुलपति कार्यालय के बाहर जुटेंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले छात्र संगठन एसएफआई का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य विश्वविद्यालय को डिजिटल यूनिवर्सिटी से वापस दिल्ली यूनिवर्सिटी बनाना है।
जेएनयू कैंपस भी खुलेगा
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) भी सोमवार से खुल जाएगा। दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देश के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को इस संबंध में नोटिस जारी किया है। इसमें कक्षा में बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। स्कूल, सेंटर को सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर छात्रों को बुलाना होगा। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा। वहीं, जेएनयू प्रशासन ने कैंपस की सभी कैंटीनों को सुबह 8 से रात 11 बजे तक 50 फीसदी बैठने की क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दे दी है।
आंबेडकर विश्वविद्यालय की तैयारी पूरी, आज से पहुंचेंगे छात्र-छात्राएं
दिल्ली सरकार के तकनीकी संस्थानों को खोलने को लेकर आज बैठक होगी। हालांकि, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) को छात्रों के लिए खोला जा रहा है। साथ ही, 100 फीसदी क्षमता के साथ कॉलेज स्टाफ को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार तक कॉलेज की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था। आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। कॉलेज खुलने के साथ विद्यार्थियों के लिए शारीरिक दूरी का पालन कर बैठने की व्यवस्था की गई है। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) और इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) में सोमवार को बैठक कर कॉलेज खुलने के लिए तिथि तय की जाएगी। इसके बाद छात्रों को चरणबद्ध तरीके से बुलाया जा सकता है।
पाबंदी में ढील से चमकेगा कारोबार, गुलजार होंगे बाजार
कोरोना की लहर के कारण लगी पाबंदी में छूट मिलने से उद्योग जगत में उत्साह है। इसके अलावा भी निजी व सरकारी कार्यालयों में सौ फीसदी क्षमता के साथ काम करने का मौका मिलेगा। दरअसल, बाजार तो पिछले कई दिनों से खुल रहे हैं, लेकिन पाबंदियों की वजह से कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा था। स्कूल, शिक्षण संस्थान, कोचिंग संस्थान बंद रहने की वजह से युवा आबादी बाजार, मॉल, पुस्तक केंद्र और जिम का रौनक नहीं बढ़ा पा रहे थे। ऐसे में फैक्ट्रियों में भी उत्पादन क्षमता कम हो गई थी तो जनपथ, कनॉट प्लेस, मॉनेस्ट्री समेत कई ट्रेंडी फुटपाथ बाजार सूने थे। अब ये सभी केंद्र गुलजार होंगे।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया माइक्रो एंड स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के संयुक्त सचिव शशि महाजन का कहना है कि युवा आबादी केे ध्यान में रख ही जूता, जैकेट, डिजाइनर कपड़े, स्कूल बैग तैयार किए जाते हैं, लेकिन स्कूल-कॉलेज बंद होने की वजह से प्रोडक्शन काफी कम हो गया था। स्कूल बैग की फैक्ट्रियां तो बंद होने के कगार पर पहुंच गई थी। अब स्कूल यूनिफार्म समेत अन्य सामान का प्रोडक्शन दोगुना हो जाएगा। पाबंदी में छूट मिलने से फैक्ट्रियों में उत्पाद में बढ़ेगा तो मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
ओल्ड मिनी मार्केट जनपथ एसोसिएशन अध्यक्ष विनोद शर्मा बंटी ने बताया कि पाबंदी में छूट मिलने से युवाओं की भीड़ एक बार फिर फैशनेबल शूट, जिंस समेत अन्य कपड़े खरीदने पहुंच रहे है। स्कूल व शिक्षण संस्थान खुलने से बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। जिम संचालक चिराग सेठी का कहना है कि शिक्षण संस्थान खुलने व नाइट कर्फ्यू में एक घंटे की ढील मिलने से फिटनेस के लिए युवा पहुंचेंगे। इसके लिए पूछताछ भी ज्यादा हो रही है।
उधर, सरोजनी नगर मार्केट एसोसिएशन के अशोक रंधावा ने मांग की है कि दुकान खोलने की समय-सीमा अब बढ़नी चाहिए। आठ बजे तक ही दुकान खोलने की अनुमति की वजह से सात बजे ही दुकानें बंद होनी शुरू हो जाती है। जबकि युवा ज्यादातर आठ बजे के बाद ही खरीदारी करने पहुंचते हैं।