बड़ा एलान: दिल्ली के 200 जलाशयों को मानसून से पहले साफ करेगी सरकार-सत्येन्द्र जैन
- गर्मियों में राजधानी को पानी की किल्लत से बचाने की कवायद
- सत्येन्द्र जैन ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बनाई योजना
- मंत्री ने देश के पहले यूटिलिटी सेंटर का भी किया उद्घाटन
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दिल्ली सरकार मानसून सीजन से पहले राजधानी के 200 जलाशयों के पुनरुद्धार की योजना बना रही है। योजना है कि मानसून सीजन के पहले इन जलाशयों की सफाई कराकर इनकी जल संग्रहण क्षमता सुधरा जाए जिससे राजधानी के जल स्तर में सुधार हो और गर्मियों में होने वाली पानी की कमी को स्थायी रूप से दूर की जा सके। जल मंत्री डॉक्टर सत्येन्द्र जैन ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना को अंतिम रूप दिया।
जल संग्रहण क्षमता में होगा सुधार
इस योजना की जानकारी देते हुए सत्येन्द्र जैन ने कहा कि राजधानी के अनेक तालाबों को निगमों ने डंपिंग ग्राउंड के रूप में तब्दील कर दिया है। इसे निगमों के माध्यम से मुक्त कराए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। लेकिन जिन जलाशयों पर स्थिति बेहतर है, उन्हें सबसे पहले साफ़ कर उनकी जल संग्रहण क्षमता में सुधार किया जाएगा। इन जलाशयों में पूरी दिल्ली के चारों तरफ के जलाशय शामिल हैं। सरकार की योजना है कि पश्चिम विहार की झील का सौंदर्यीकरण कर इसे जल संग्रह केंद्र के साथ-साथ इसे एक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक नजदीकी एसटीपी प्लांट से झील तक पाइप लाइन भी बिछाने की योजना है।
यूटिलिटी स्केल स्टोरेज सिस्टम का उद्घाटन
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने यूटिलिटी स्केल स्टोरेज सिस्टम का रानीबाग में उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर बैटरी सिस्टम की लागत चार गुना कम की जा सके तो इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा और राजधानी में विद्युत आपूर्ति प्रणाली मजबूत की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जब से आम आदमी पार्टी की सरकार आई है, तब से राजधानी में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सत्येंद्र जैन ने कहा कि लोगों को लगातार बिजली उपलब्ध कराने के लिए राजधानी की बिजली क्षमता में सुधार किया जाना भी आवश्यक है क्योंकि बढ़ती आबादी के साथ-साथ उद्योगों की बढ़ती जरूरतों के लिए बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार यूटिलिटी सेंटर बनाकर क्षमता सुधार पर ध्यान केन्द्रित कर रही है।