सत्य निकेतन हादसा: इमारत गिरने वाली जगह पहुंचे डूसू के पदाधिकारी, जान गंवाने वाले छात्रों को दी श्रद्धांजलि
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से पहले सत्य निकेतन पहुंचकर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी।
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से पहले सत्य निकेतन पहुंचकर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी। छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास, सचिव रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह ने उस स्थान का दौरा किया, जहां इमारत गिरने की घटना में छात्रों की जान चली गई थी।
इस दौरान छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि सत्य निकेतन आकर उनका मन बेहद भारी है। उन्होंने कहा कि आज भी वह दृश्य याद आता है, जब उनके साथी छात्र मलबे में दब गए थे और अपनी जान गंवा बैठे थे। यश डबास ने कहा कि कार्यकाल शुरू करने से पहले घटनास्थल पर पहुंचने का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि छात्र संघ की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति को औपचारिक पत्र सौंपकर नए छात्रावास बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच लगातार छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाया जाता रहा है। छात्र संघ अधिक संख्या में छात्रावास बनवाने के साथ-साथ मौजूदा छात्रावासों की सुरक्षा जांच कराने की दिशा में भी काम करेगा।
डबास ने कहा कि छात्रावासों के अलावा किराये पर रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा भी छात्र संघ उठाएगा। इसके लिए वे रिया छावड़ी और लक्ष्य राज सिंह के साथ मिलकर नगर निगम और दिल्ली सरकार के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए संचालित किराये के कमरों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और छात्रों की अन्य सामान्य शिकायतों को भी संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। छात्र संघ का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय और प्रशासन के स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने की बेहतर व्यवस्था मिले और भविष्य में किसी छात्र को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।
#WATCH | Delhi: DUSU President Yash Dabas says, "We have come here to Satya Niketan today, and our hearts remain heavy. I still recall the scene where our fellow students lost their lives, trapped beneath the rubble... We have visited this site before commencing our tenure to… https://t.co/h0C0m9FAh0 pic.twitter.com/hRW5Av5Qb0
— ANI (@ANI) September 21, 2026