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Delhi: धुएं में घुट रहे सबोली-मंडोली गांव, शाम ढलते ही काला गुबार, पांच लाख आबादी की सेहत पर संकट

Tue, 14 Apr 2026 06:13 AM IST
Digvijay Singh फिरदौस आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
फिरदौस आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 14 Apr 2026 06:13 AM IST
सार

सबोली-मंडोली गांव और आसपास के इलाकों में रिसाइकिल फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों के लिए गंभीर संकट बन गया है। शाम होते ही आसमान में काले धुएं का गुबार छा जाता है, जिससे इलाके की हवा जहरीली हो जाती है और लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।

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Saboli and Mandoli villages choke in smoke a pall of black fumes descends at dusk posing a health crisis for a
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सबोली-मंडोली गांव और आसपास के इलाकों में रिसाइकिल फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों के लिए गंभीर संकट बन गया है। शाम होते ही आसमान में काले धुएं का गुबार छा जाता है, जिससे इलाके की हवा जहरीली हो जाती है और लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि न्यू मंडोली इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्ट्रियां खुलेआम प्रदूषण फैला रही हैं और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की अनदेखी कर रही हैं।

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लोगों का कहना है कि इन फैक्ट्रियों में स्क्रैप गलाने, टायर जलाने और केमिकल का इस्तेमाल कर धातु रिसाइकिल का काम किया जाता है, जिससे जहरीला धुआं लगातार वातावरण में घुल रहा है। इसका असर करीब पांच लाख से अधिक आबादी पर पड़ रहा है, जो हर दिन प्रदूषण की मार झेल रही है।
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एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है शिकायत-
यमुनापार यूनाइटेड आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी के अनुसार, इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, नगर निगम,दिल्ली पुलिस कमिश्नर, डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट, डीएम, एसडीएम और थानाध्यक्ष हर्ष विहार और अन्य संबंधित विभागों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं ही पूरी होती हैं। आरोप है कि कुछ छोटी इकाइयों पर कार्रवाई होती है, जबकि बड़ी फैक्ट्रियां बेखौफ संचालित हो रही हैं।
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सांस से संबंधी बीमारियों से जूझ रहे निवासी-
निवासियों ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्थमा, दमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न हुआ तो उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

लोगों की जुबानी-
क्षेत्र में कई सारी फैक्ट्रियां हैं, जो प्रदूषण फैला रही हैं। इसको लेकर आरडब्ल्यूए और स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें की हैं। लेकिन शिकायतों का कोई असर नहीं होता है। - जगदीश चौधरी, अध्यक्ष, यमुनापार यूनाइटेड आरडब्ल्यूए फेडरेशन।

औद्योगिक क्षेत्र में कुछ अवैध फैक्ट्रियों की वजह से यहां के निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। फैक्ट्रियों से निकलने वाली धुंआ लोगों का दम घोंट रही है। - भोपाल सिंह, महासचिव, आरडब्ल्यूए सबोली गांव।


शाम होते ही आसमानों में धुएं का गुबार दिखाई देने लगता है। अवैध फैक्ट्रियों की वजह से पूरे इलाके का वातावरण दूषित हो गया है। अगर ऐसा ही हाल रहा, तो कॉलोनी के लोग पलायन करने पर मजबूर हो जाएंगे। - ईशु त्यागी, अधिवक्ता, मंडोली गांव।

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