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Delhi News: लेजर सर्जरी से किडनी में पथरी का उपचार करेगा आरएमएल
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अभी कमर में छेद कर होती है सर्जरी, मरीजों को करना पड़ रहा दो साल का इंतजार
नई सुविधा शुरू होने से सर्जरी की गुणवत्ता में आएगा सुधार, घटेगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी अस्पतालों की तरह डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जल्द लेजर सर्जरी की मदद से किडनी में पथरी का उपचार होगा। सुविधा शुरू होने के बाद सर्जरी की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही मरीज के ठीक होने की गति बढ़ेगी। मौजूदा समय अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में किडनी में पथरी का इलाज कराने आ रहे मरीजों की सर्जरी कमर
में छोटा सा छेद करके की जाती है। इस सर्जरी के लिए मरीजों को दो साल तक की तारीख दी जा रही है। उम्मीद है कि लेजर सर्जरी शुरू होने के बाद मरीजों का इंतजार तेजी से घट जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, किडनी में पथरी की सर्जरी सुविधा शुरू करने के लिए उपकरण खरीदने की दिशा में काम किया जा रहा है। कुछ उपकरण खरीदे जा चुके हैं, जबकि कुछ अंतिम चरण में हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले माह तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उपकरण आने के बाद अगले माह से ही लेजर सर्जरी की सुविधा शुरू हो सकती है।
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रोज आते हैं 20 मरीज
अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में रोजाना 20 मरीज किडनी में पथरी की शिकायत लेकर आते हैं। इनमें से कई मरीजों को सर्जरी का सुझाव दिया जाता है। इसमें कमर में एक छेद बनाया जाता है। इस घाव को भरने में कुछ समय लग जाता है। लेजर सुविधा आने के बाद चीरा या छोटा छेद करने की भी जरूरत नहीं रहेगी।
दूसरी सर्जरी में भी मदद
डॉक्टरों की मानें तो लेजर तकनीक का इस्तेमाल दूसरे रोगों के इलाज में भी किया जा सकता है। हालांकि शुरुआती तौर पर इसका इस्तेमाल किडनी में पथरी को लेकर किया जाएगा।
निजी अस्पताल में लगते हैं डेढ़ लाख
दिल्ली के निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है, जबकि आरएमएल अस्पताल में यह सुविधा लगभग मुफ्त उपलब्ध होगी। सूत्रों की मानें तो आयुष्मान भारत योजना में भी इस सर्जरी का शुल्क 25 हजार निर्धारित है, जबकि लेजर सर्जरी के लिए इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा संसाधन महंगे होते हैं। यही कारण है कि निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत लेजर सर्जरी नहीं करते हैं।
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नई सुविधा शुरू होने से सर्जरी की गुणवत्ता में आएगा सुधार, घटेगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी अस्पतालों की तरह डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जल्द लेजर सर्जरी की मदद से किडनी में पथरी का उपचार होगा। सुविधा शुरू होने के बाद सर्जरी की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही मरीज के ठीक होने की गति बढ़ेगी। मौजूदा समय अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में किडनी में पथरी का इलाज कराने आ रहे मरीजों की सर्जरी कमर
में छोटा सा छेद करके की जाती है। इस सर्जरी के लिए मरीजों को दो साल तक की तारीख दी जा रही है। उम्मीद है कि लेजर सर्जरी शुरू होने के बाद मरीजों का इंतजार तेजी से घट जाएगा।
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, किडनी में पथरी की सर्जरी सुविधा शुरू करने के लिए उपकरण खरीदने की दिशा में काम किया जा रहा है। कुछ उपकरण खरीदे जा चुके हैं, जबकि कुछ अंतिम चरण में हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले माह तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उपकरण आने के बाद अगले माह से ही लेजर सर्जरी की सुविधा शुरू हो सकती है।
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रोज आते हैं 20 मरीज
अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में रोजाना 20 मरीज किडनी में पथरी की शिकायत लेकर आते हैं। इनमें से कई मरीजों को सर्जरी का सुझाव दिया जाता है। इसमें कमर में एक छेद बनाया जाता है। इस घाव को भरने में कुछ समय लग जाता है। लेजर सुविधा आने के बाद चीरा या छोटा छेद करने की भी जरूरत नहीं रहेगी।
दूसरी सर्जरी में भी मदद
डॉक्टरों की मानें तो लेजर तकनीक का इस्तेमाल दूसरे रोगों के इलाज में भी किया जा सकता है। हालांकि शुरुआती तौर पर इसका इस्तेमाल किडनी में पथरी को लेकर किया जाएगा।
निजी अस्पताल में लगते हैं डेढ़ लाख
दिल्ली के निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है, जबकि आरएमएल अस्पताल में यह सुविधा लगभग मुफ्त उपलब्ध होगी। सूत्रों की मानें तो आयुष्मान भारत योजना में भी इस सर्जरी का शुल्क 25 हजार निर्धारित है, जबकि लेजर सर्जरी के लिए इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा संसाधन महंगे होते हैं। यही कारण है कि निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत लेजर सर्जरी नहीं करते हैं।