दिल्ली: मेट्रो में सफर करने की जल्दी में भूलने लगे हैं बंदिशें, स्टेशन के बाहर भीड़ पर किसी की नजर नहीं, बढ़ सकता है संक्रमण
रोजाना मेट्रो में सफर करने की जल्दबाजी में संक्रमण के खतरे से होकर गुजर रहे हैं। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को यात्रियों के सफर की शुरुआत मेट्रो स्टेशनों लगी लाइन में इंतजार से हुई।
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कोरोना काल में अनलॉक-7 में मिली छूट का मेट्रो स्टेशनों के बाहर सामाजिक दूरी की अनदेखी का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्टेशनों के बाहर लंबी लाइनों में सामाजिक दूरी का पालन न होने से संक्रमण बढ़ने से हालात बिगड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है। सफर करने की जल्दबाजी में लोग बंदिशें भूलने लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि स्टेशन के बाहर लगने वाली कतारों में नियमों का पालन करवाने के लिए सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। अगर कर्मी तैनात होते भी हैं तो नियमों का पालन करवाने से अधिक जुर्माना वसलने पर उनकी निगाहें टिकी होती हैं।
रोजाना मेट्रो में सफर करने की जल्दबाजी में संक्रमण के खतरे से होकर गुजर रहे हैं। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को यात्रियों के सफर की शुरुआत मेट्रो स्टेशनों लगी लाइन में इंतजार से हुई। द्वारका मोड़ मेट्रो स्टेशन के बाहर सुबह यात्रियों को आधे घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। पहले प्रवेश करने के लिए भीड़ में भी धक्का मुक्की से होकर मेट्रो में प्रवेश के बाद भी यात्रियों को सीट की चिंता सताने लगी।
जगह न मिली तो खड़े होकर मेट्रो में सफर करने लगे। हालांकि, मेट्रो में खड़े होकर सफर करने की इजाजत नहीं है फिर भी सीटें न होने पर यात्री खड़े होकर भी सफर करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। राजीव चौक, नजफगढ़, द्वारका मोड़, आरके आश्रम, कश्मीरी गेट, अर्जनगढ़ सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
इंतजार के दौरान लाइन में न तो दूरी का ध्यान रखा जा रहा है तो कुछ यात्रियों ने मास्क भी ठीक तरह से नहीं लगाए थे। हैरत की बात यह है कि अधिकतर मेट्रो स्टेशनों के बाहर नियमों का पालन करवाने के लिए कोई तैनात नहीं हैं। प्रवेश से पहले गेट पर मेट्रो कर्मी तैनात किए गए हैं। भीड़ की वजह से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी के साथ साथ कई और तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नियमित अंतराल पर मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को दिया जा रहा है प्रवेश
50 फीसदी क्षमता के साथ मेट्रो को परिचालन की अनुमति होने की वजह से अधिक भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर यात्रियों को कुछ देर के अंतराल पर प्रवेश मिल रहा है। मेट्रो की फ्रिक्वेंसी पहले की तरह ही है, लेकिन सीटें कम होने की वजह से यात्रियों की संख्या को सीमित किया जा रहा है। किसी स्टेशन पर अगर भीड़ अधिक हो तो यात्रियों को बाहर ही रोक दिया जाता है। भीड़ कम होने पर यात्रियों को बारी बारी से मेट्रो में सफर का मौका मिल रहा है।
मेट्रो स्टेशन बंद होने पर यात्रियों को हुई परेशानी
ओवरहेड इंटरलिंकिंग के कारण पिंक लाइन के चार मेट्रो स्टेशन बंद रहे। इस वजह से यात्रियों को सोमवार सुबह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मंडावली, त्रिलोकपुरी, मयूर विहार फेज-2 और फेज-1 के मेट्रो स्टेशन बंद होने की वजह से यात्रियों ने दूसरे परिवहन विकल्पों को अपनाया। इस कारण यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। मेट्रो की सुविधा न होने की वजह से दूसरे परिवहन साधनों से पहुंचने में देरी हुई। बृहस्पतिवार तक चार मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की वजह से बस, ऑटो, ई रिक्शा और टैक्सी पर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है।