फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   report says decrease in the number of men who have had vasectomy

कोराना काल: नसबंदी कराने वाले पुरुषों की संख्या में आई कमी, महिलाएं पहुंचीं अस्पताल, जारी हुई रिपोर्ट

Sat, 09 Apr 2022 04:53 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 09 Apr 2022 04:53 AM IST
सार

कोरोना महामारी की वजह से दिल्ली में साल 2020-21 के दौरान दो तिहाई से भी अधिक नसबंदी में कमी दर्ज की गई है। गौर करने वाली बात ये है कि इस अवधि में केवल 78 पुरुष ही घरों से बाहर निकल नसबंदी के लिए अस्पताल पहुंचे।

विज्ञापन
report says decrease in the number of men who have had vasectomy
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

दिल्ली में हर साल पुरुषों की तुलना में महिलाएं सबसे अधिक नसबंदी कराती हैं लेकिन बीते दो वर्ष में कोरोना महामारी की वजह से न सिर्फ नसबंदी के मामलों में भारी गिरावट आई है

विज्ञापन


बल्कि नसबंदी कराने वाले पुरुषों की संख्या पहले की तुलना में और कम हुई। साल 2020 के दौरान जब महामारी के चलते छह महीने का लॉकडाउन लगा, तो उस दौरान पुरुष घरों में रहे लेकिन नसबंदी के लिए महिलाएं अस्पताल पहुंचीं।
विज्ञापन


यह खुलासा दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की एक रिपोर्ट में हुआ है, जिसके अनुसार कोरोना महामारी की वजह से दिल्ली में साल 2020-21 के दौरान दो तिहाई से भी अधिक नसबंदी में कमी दर्ज की गई है। गौर करने वाली बात ये है कि इस अवधि में केवल 78 पुरुष ही घरों से बाहर निकल नसबंदी के लिए अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी दौरान पुरुषों की तुलना में 7,884 महिलाओं ने नसबंदी कराई। नई दिल्ली स्थित प्रोत्साहन फाउंडेशन की सोनल कपूर ने कहा कि यह रिपोर्ट दिल्ली जैसे महानगर की जमीनी हकीकत बयां कर रही है।

उन्होंने कहा कि हर साल दिल्ली में नसबंदी को लेकर पुरुषों की संख्या कम रहती है। इसके पीछे कई तरह की मानसिकताएं भी हैं कि नसबंदी कराने की जरूरत महिलाओं को होती है, जबकि पुरुष उन मानसिकताओं की आड़ लेते हुए खुद को इससे दूर रखते हैं। वे घर में रहना पसंद करते हैं और महिलाओं को नसबंदी के लिए अस्पताल भेजते हैं।

वह बताती हैं कि साल 1970 में परिवार नियोजन कार्यक्रम की शुरुआत हुई, तब से लेकर अब तक दिल्ली सहित पूरे देश में आबादी नियंत्रण के लिए महिलाओं पर ध्यान दिया जाता है जबकि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की नसबंदी आसान है।

क्या कहती है रिपोर्ट 
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019-20 में पुरुषों और महिलाओं को मिलाकर 18,392 लोगों की नसबंदी की गई थी, जबकि 2020-21 में महज 7,884 लोगों ने ही नसबंदी करवाई। इससे पता चलता है कि कोरोना की वजह से दिल्ली में नसबंदी के आंकड़ों में 43 फीसदी की कमी आई है। वहीं बीते सात वर्षों की स्थिति देखें तो महिलाओं की संख्या नसबंदी करवाने वाले पुरुषों से कहीं ज्यादा रही। साल 2019-20 में  जहां 740 पुरुषों ने नसबंदी करवाई थी वहीं साल 2020-21 में केवल 78 पुरुष ही नसबंदी के लिए अस्पतालों तक पहुंचे।


चिकित्सीय प्रक्रिया दर्द रहित और कुछ ही घंटों तक सिमटी
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल की डॉ. सीमा बताती हैं कि पुरुष नसबंदी एक सामान्य सा ऑपरेशन है जिसके जरिये शुक्राणु को निकलने से रोका जाता है। इसी तरह महिलाओं की नसबंदी भी की जाती है लेकिन वर्तमान में कई अत्याधुनिक तकनीक आने के बाद यह चिकित्सीय प्रक्रिया न सिर्फ दर्द रहित बल्कि कुछ ही घंटों तक रहकर सिमट गई है। ऑपरेशन का मतलब कोई चीरा लगना नहीं है, इससे मरीजों का फायदा होता है लेकिन वे रोजाना अपने यहां देखती हैं कि महिलाएं ही सबसे अधिक नसबंदी के लिए अस्पताल आती हैं।

सात साल की स्थिति

साल    पुरुष    महिलाएं    कुल
2014-15    811    16,647    17,458    
2015-16    901    16,482    17,383
2016-17    1,323    17,546    18,869
2017-18    491    16,513    17,004
2018-19    499    17,032    17,531
2019-20    740    17,652    18,392
2020-21    78    7,806    7,884

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed