राजधानी में रिकॉर्ड रोगी मिलने पर भी रिकवरी दर 90 फीसदी, अब हल्का है संक्रमण का प्रभाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी में चार दिन से रोजाना पांच हजार से ज्यादा लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही है। राहत की बात यह है कि रिकॉर्ड मरीज मिलने के बाद भी रिकवरी दर 90 फीसदी बनी हुई है। इसका कारण यह है कि जितने संक्रमित मिल रहे हैं, उतने ही स्वस्थ भी हो रहे हैं।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, चार दिन में 22,365 संक्रमित मिले, जबकि इस दौरान 17,500 मरीज स्वस्थ हुए। यानी, रोजाना औसतन 4375 मरीजों ने संक्रमण को मात दी। इस समय दिल्ली कि रिकवरी दर 90 फीसदी है। करीब एक माह से यह दर इसी आंकड़े के आसपास है। इसके साथ ही दो महीने से स्वस्थ होने वाले मरीज बढ़ते जा रहे हैं। दो महीने में ही 1 लाख 73 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। सितंबर में 77 हजार मरीजों ने संक्रमण को मात दी थी तो वहीं, अक्तूबर में 96 हजार मरीज स्वस्थ हुए।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि संक्रमण का प्रभाव हल्का होने के कारण अब लोग तेजी से ठीक हो रहे रहें। करीब 80 फीसदी मरीजों में हल्के लक्षण हैं। इसके अलावा अधिक जांच होने से समय पर संक्रमितों की पहचान हो रही है और उन्हें बेहतर इलाज भी मिल रहा है। कुल सक्रिय रोगियों में से 65 फीसदी का घर पर ही इलाज किया जा रहा है। होम आइसोलेशन में 99 फीसदी मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। एक माह में होम आइसोलेशन में एक भी मौत नहीं हुई है।
चार दिन की स्थिति...
तारीख स्वस्थ मरीज
28 4128
29 4138
30 4433
31 4665
नोट : आंकड़े अक्तूबर के हैं स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।
बड़े स्तर पर कांटेक्ट ट्रेसिंग के कारण बढ़ रहे हैं मामले
राजधानी में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। चार दिन में ही 22 हजार संक्रमित मिल चुके हैं। बढ़ते मामलों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि व्यापक स्तर पर की जा रही कांटेक्ट ट्रेसिंग के कारण दैनिक मामले बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर मामले और बढ़ते हैं तो उसके हिसाब से सरकार की तैयारियां पूरी हैं।
उन्होंने कहा कि अब एक व्यक्ति के पॉजिटिव मिलने पर उसके पूरे परिवार और संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की जा रही है। पहले संक्रमित के संपर्क में आए 6 से 7 लोगों की जांच की जाती थी। अब ये संख्या 15 से भी ज्यादा है। यही कारण है कि कुछ दिनों से केस बढ़ रहे हैं। सरकार की इस रणनीति से भविष्य में संक्रमण पर बेहतर तरीके से लगाम लग सकेगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिस्तर की कोई कमी नहीं है। अभी भी 60 फीसदी बेड खाली हैं। वर्तमान में संक्रमण के हालातों को देखते हुए सरकार पुख्ता तैयारियां कर रही है। फिलहाल अधिकतर संक्रमितों में हल्के लक्षण हैं। अगर आने वाले दिनों में अस्पतालों में मरीज बढ़ेंगे तो उसको देखते हुए सरकार 25 फीसदी बिस्तर और बढ़ाएगी।