बाजारों पर बरसी लक्ष्मी: सोने-चांदी की खरीद ने रचा नया कीर्तिमान, 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हुआ कारोबार
धनतेरस पर राजधानी दिल्ली के बाजारों में सोना, चांदी और बर्तनों की जोरदार खरीदारी हुई। ज्वेलरी दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी और करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो पिछले वर्ष से 25 प्रतिशत अधिक रहा। सोने की तीन टन और चांदी की 30 टन बिक्री का अनुमान है।
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धन्वंतरि का आगमन हो और घर में सोना-चांदी, बर्तन नहीं आए ऐसा नहीं हो सकता। इस शुभ दिन पर बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से देर रात तक ज्वेलरी और बर्तनों के दुकानों पर लोगों का तांता लगा रहा। कोई सोना-चांदी खरीदने में मगन रहा तो कोई बर्तन की दुकान पर चमचाते पीतल, कांसा और स्टील का सामान खरीदता दिखा। राजधानी में सोने-चांदी के गहनों, सिक्कों व अन्य वस्तुओं का कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक हुआ।
धनतेरस पर सोना-चांदी के सिक्के और गहने की खरीदारी
चांदनी चौक स्थित सोना-चांदी का बाजार कूचा महाजनी और दरीबा में लोग खरीदारी करते दिखे। धनतेरस पर दिन सोना-चांदी के सिक्के और गहने की जमकर खरीदारी हुई। एक अनुमान के अनुसार, धनतेरस के मौके पर तीन टन सोना बिका वहीं 30 टन से अधिक चांदी की बिक्री हुई। कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली में धनतेरस के दिन चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, पीतमपुरा, पश्चिम विहार, मॉडल टाउन, रोहिणी, राजौरी गार्डन, द्वारका, जनकपुरी, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, कालकाजी, प्रीत विहार, शाहदरा व लक्ष्मी नगर सहित रिटेल बाजारों में विशेष रूप से खरीदारी हुई। वहीं, कैट के ज्वेलरी चैप्टर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि सराफा बाजारों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी।
बर्तन-रसोई के सामान और उपकरणों में करोड़ों का कारोबार
शनिवार को खरीदारों ने बढ़ी कीमतों के चलते सोने चांदी को निवेश के लिए सबसे सुरक्षित माना, जबकि आम ग्राहकों ने हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दी। खंडेलवाल ने कहा कि इसी तरह धनतेरस पर तांबा, चांदी या स्टील के नए बर्तन खरीदना, रसोई का अन्य सामान और उपकरण खरीदे गए। इसी तरह, मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसी वस्तुएं भी शुभ मानकर खरीदते हैं, जो उन्नति और समृद्धि के प्रतीक बन चुके हैं। ऐसे में धनतेरस पर बाजारों में रिकार्ड बिक्री हुई, जिसमें सोने चांदी के अलावा मुख्य रूप से बर्तन व रसोई का सामान व उपकरण में 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। कैट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल सामान में 10 हजार करोड़ रुपये, सजावट, दीपक व पूजन सामग्री में तीन हजार करोड़ रुपये और 12 हजार करोड़ रुपये में सूखे मेवे, फल, मिठाई, वस्त्र, वाहन आदि खरीदने में हुए खर्च का अनुमान है। कुल मिलाकर धनतेरस पर देश भर में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार का अनुमान है।
स्वदेशी अपनाओ के आह्वान का गहरा प्रभाव देखा गया
खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष व्यापार वृद्धि के प्रमुख कारणों में जीएसटी दरों में बड़े पैमाने पर की गई कटौती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए स्वदेशी अपनाओ के आह्वान का गहरा प्रभाव देखा गया है। उपभोक्ता अब स्थानीय व देशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे देश के छोटे व्यापारियों और निर्माताओं को सीधा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि इस बार त्योहारी सीजन में न केवल मॉल्स बल्कि स्थानीय बाजार, सर्राफा गलियां, बर्तन मंडियां, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और खुदरा दुकानों में भी असाधारण उत्साह देखने को मिला। खंडेलवाल ने कहा कि धनतेरस और दीपावली का यह पर्व न केवल आर्थिक गतिविधि का प्रतीक है बल्कि यह आस्था, समृद्धि और स्वदेशी संकल्प का उत्सव भी बन गया है, जिसने देश की खुदरा अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है।
डिप्टीगंज ने भी बिखेरा चमक
बाजारों में सोने-चांदी के आभूषण की जमकर खरीदारी हुई। हीरा खरीदने में भी लोग पीछे नहीं रहे। आभूषण के अलावा बर्तन, रसोई का सामान, वाहन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान, कंप्यूटर, मोबाइल, फर्नीचर, टीवी समेत अन्य सामान की भी विशेष खरीदारी हुई। मान्यता के अनुसार धनतेरस के दिन झाड़ू की भी खूब खरीदारी हुई। सदर बाजार के डिप्टी गंज में बर्तनों का होलसेल और रिटेल कारोबार होता है। यहां कई दिनों से थोक और रिटेल का बंपर बाजार है। देर रात तक इस बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
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