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बजट 2022 और एक संयुक्त परिवार : नहीं मिला खास, गैस सिलिंडर की कीमत कम न होने से महिलाएं निराश
Wed, 02 Feb 2022 06:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Feb 2022 06:31 AM IST
सार
बहू मायूस, मुखिया खुश... बजट पर परिवार ही नहीं एकमत। घरेलू गैस व पेट्रोल की कीमतों में बदलाव न होने से महिला सदस्यों में दिखी नाखुशी।
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पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में बजट प्रसारण देखता एक संयुक्त परिवार...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रहने वाले संयुक्त गुप्ता परिवार में इंजीनियर, डॉक्टर, कंपनी सेक्रेटरी व उद्योगपति शामिल हैं। महीने की एक लाख से रुपये से ऊपर आय वाले इस मध्यमवर्गीय परिवार की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। परिवार ने सरकार द्वारा एमएसएमई को बढ़ावा देने की बात पर खुशी जताई है।
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हालांकि, घरेलू गैस व पेट्रोल की कीमतों में बदलाव न होने की वजह से परिवार नाखुश भी है। परिवार का कहना है कि जिस प्रकार इस बजट से उम्मीद की जा रही थी, वैसा बजट देखने को नहीं मिला है। इस वजह से घर के बजट में बचत के दायरे में खास बदलाव नहीं होगा।
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घर के मुखिया सुनील गुप्ता पेशे से उद्यमी हैं और केबल तार का व्यवसाय करते हैं। गुप्ता कहते हैं कि आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया है। इससे जहां उद्यमियों को राहत है तो नौकरी पेशा वालों को भी राहत मिलेगी। गुप्ता के परिवार में दो बेटे, बहु व पोता-पोती हैं। परिवार में पेशे से इंजीनियर व उद्यमी अमन गुप्ता कहते हैं कि सरकार को एमएसएमई सेक्टर में बढ़ावा देने के लिए कदम बढ़ाने चाहिए।
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सरकार हर बजट में सिर्फ एमएसएमई को बढ़ावा देने की बात कहती है। लेकिन, यदि एमएमएमई के लिए अलग से ही जोन निर्धारित कर दिया जाए तो इससे सही मायने में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एमएसएमई सेक्टर में विदेशी तकनीक और अनुसंधान को जोड़कर भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
हालांकि, आईटीआर में गड़बड़ी होने पर दो साल तक सुधार करने वाला सरकार का कदम सराहनीय है। इससे एक लंबी प्रक्रिया और अधिक धन खर्च से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। वहीं, परिवार में रसोई संभालने के साथ-साथ कंपनी सेक्रेटरी शुभी गुप्ता कहती हैं कि सरकार का बजट एक आम रसोई से बाहर है।
यही वजह है कि गैस सिलेंडर से लेकर अन्य जरूरी चीजों के दामों में कोई अंतर देखने को नहीं मिला है। इस वजह से रसोई की बचत का बजट से ज्यादा तालमेल नहीं है। हालांकि, कुछ सामानों से सीमा शुल्क घटाने से मोबाइल व चार्जर सस्ता होने की उम्मीद है। इससे कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।