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बारिश ने धोया दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण, साल का सबसे साफ दिन दर्ज
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राजधानी दिल्ली में बीते दो दिन से हो रही बारिश रविवार को भी दिनभर होती रही। इस दौरान वायु गुणवत्त?
- फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। कई दिन से जारी बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण धुल गया है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 से नीचे चला गया। दिल्ली में यह आंकड़ा 69 रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा के लोगों ने 48 एक्यूआई के साथ इस साल में पहली बार सबसे साफ हवा में सांस ली। दिल्ली समेत अन्य शहरों की हवा संतोषजनक श्रेणी में रही। वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि बारिश के असर से मिली राहत सोमवार तक जारी रहेगी। इसके बाद गुणवत्ता औसत श्रेणी में पहुंच सकती है।
वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व बारिश की बूंदों के साथ मिलकर धरती की सतह पर आ गए हैं। इससे वातावरण साफ हुआ और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में कमी दर्ज हुई। बीते 24 घंटे में हवा में मौजूद पीएम10 का स्तर 52 व पीएम2.5 का स्तर 32 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड हुआ। आमतौर पर पीएम10 का स्तर 100 से कम व पीएम2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। अगले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में ही बनी रहेगी, लेकिन मंगलवार से हवा की रफ्तार कम होने की वजह से एक्यूआई औसत श्रेणी में पहुंच सकता है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, रविवार को हवा की रफ्तार चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट 900 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया गया। सोमवार को हवा की गति चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट घटकर 850 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स बढ़कर 4300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया जा सकता है। वहीं, मंगलवार को हवा की रफ्तार घटकर चार किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट बढ़कर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स घटकर 1900 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड हो सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स घटने से इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ेगा।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 22 अंकों की गिरावट के साथ 69 पर पहुंचा। एक दिन पहले यह 91 रिकॉर्ड हुआ था।
ऐसे साफ होती गई हवा
दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से शुक्रवार से बारिश का दौर शुरू हुआ। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। यह वजह रही कि बीते तीन दिनों में ही दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई 200 से भी अधिक आंकड़े से गिरकर 100 से नीचे पहुंच गया और लोगों ने साफ हवा में राहत की सांस ली।
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वायु मानक संस्था सफर के मुताबिक, हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व बारिश की बूंदों के साथ मिलकर धरती की सतह पर आ गए हैं। इससे वातावरण साफ हुआ और वायु गुणवत्ता के आंकड़ों में कमी दर्ज हुई। बीते 24 घंटे में हवा में मौजूद पीएम10 का स्तर 52 व पीएम2.5 का स्तर 32 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड हुआ। आमतौर पर पीएम10 का स्तर 100 से कम व पीएम2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। अगले 24 घंटे में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में ही बनी रहेगी, लेकिन मंगलवार से हवा की रफ्तार कम होने की वजह से एक्यूआई औसत श्रेणी में पहुंच सकता है।
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भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, रविवार को हवा की रफ्तार चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट 900 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स चार हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया गया। सोमवार को हवा की गति चार से आठ किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट घटकर 850 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स बढ़कर 4300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड किया जा सकता है। वहीं, मंगलवार को हवा की रफ्तार घटकर चार किमी प्रतिघंटा, मिक्सिंग हाइट बढ़कर 1200 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स घटकर 1900 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रिकॉर्ड हो सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स घटने से इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ेगा।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का एक्यूआई 22 अंकों की गिरावट के साथ 69 पर पहुंचा। एक दिन पहले यह 91 रिकॉर्ड हुआ था।
ऐसे साफ होती गई हवा
दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से शुक्रवार से बारिश का दौर शुरू हुआ। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। यह वजह रही कि बीते तीन दिनों में ही दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई 200 से भी अधिक आंकड़े से गिरकर 100 से नीचे पहुंच गया और लोगों ने साफ हवा में राहत की सांस ली।