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किसानों का रेल रोको अभियान कल, 12 से चार बजे तक रहेगा ट्रेनों का चक्का जाम, टिकैत ने गांव के किसानों से भी किया आह्वान
Wed, 17 Feb 2021 12:25 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:25 PM IST
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किसान नेता राकेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत अब ट्रेनों का चक्का जाम करेंगे। उन्होंने एलान किया कि बृहस्पतिवार (18 फरवरी) को देश के किसान ट्रेनों को रोककर सरकार को कड़ा संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेन रोको अभियान कल 12 बजे से चार बजे तक रहेगा।
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राकेश टिकैत ने कहा कि हम तो ट्रेन चलाने की बात कर रहे हैं। अगर ट्रेन रोकेंगे तो संदेश देंगे कि ट्रेन चले। उन्होंने गांव के लोगों से भी इस अभियान में जुड़ने का आह्वान किया है। कहा कि गांव के लोग अपने हिसाब से रेल रोको अभियान का संचालन कर लेंगे।
बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर 11 फरवरी को आंदोलन स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर रणनीति बनाई गई थी। इसके साथ ही आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी को लेकर गांवों में जनसंपर्क भी किया था। वहीं पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के बाद राजस्थान में शुरू हुए महापंचायतों के दौर में अब यहां आंदोलन पर बैठे किसानों ने भी महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है।
पिछले कई महीनों से किसान तीनों कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार से कानूनों को वापस करने की मांग कर रहे हैं। कई दौरे की बात हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार कानूनों में संशोधन की बात पर डटे हुए हैं तो वहीं किसान कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं इससे पहले किसानों ने चक्का जाम किया था, तो वहीं इस बार रेल रोको अभियान का एलान किया है।
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कल रेल रोको अभियान 12 बसे से 3-4 बजे तक रहेगा। हम तो रेल चलाने की बात कर रहे हैं। अगर रेल रोकेंगे तो संदेश देंगे कि रेल चले। गांव के लोग अपने हिसाब से रेल रोको अभियान का संचालन कर लेंगे: राकेश टिकैत, किसान नेता pic.twitter.com/zRk28DfZCp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2021विज्ञापन
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राकेश टिकैत ने कहा कि हम तो ट्रेन चलाने की बात कर रहे हैं। अगर ट्रेन रोकेंगे तो संदेश देंगे कि ट्रेन चले। उन्होंने गांव के लोगों से भी इस अभियान में जुड़ने का आह्वान किया है। कहा कि गांव के लोग अपने हिसाब से रेल रोको अभियान का संचालन कर लेंगे।
बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर 11 फरवरी को आंदोलन स्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर रणनीति बनाई गई थी। इसके साथ ही आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी को लेकर गांवों में जनसंपर्क भी किया था। वहीं पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के बाद राजस्थान में शुरू हुए महापंचायतों के दौर में अब यहां आंदोलन पर बैठे किसानों ने भी महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है।
पिछले कई महीनों से किसान तीनों कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार से कानूनों को वापस करने की मांग कर रहे हैं। कई दौरे की बात हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार कानूनों में संशोधन की बात पर डटे हुए हैं तो वहीं किसान कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं इससे पहले किसानों ने चक्का जाम किया था, तो वहीं इस बार रेल रोको अभियान का एलान किया है।