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Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस में बड़े फेरबदल के आसार, अंदरूनी कलह समाप्त करने पर एक-दो दिन में फैसला

Wed, 15 Jul 2026 04:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 15 Jul 2026 04:00 AM IST
सार

अब कांग्रेस पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट का अध्ययन कर कार्रवाई करेगी। सूत्रों के मुताबिक पंजाब में बड़ा फेरबदल संभव है, क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए काफी अहम है। 

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Punjab Politics: Major reshuffle likely in Punjab Congress
चन्नी और वारिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेश दौरे से लौटते ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह को लेकर अहम बैठक की। अब कांग्रेस पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट का अध्ययन कर कार्रवाई करेगी। सूत्रों के मुताबिक पंजाब में बड़ा फेरबदल संभव है, क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए काफी अहम है। 

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दरअसल, पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट नाराज बताया जा रहा है। पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल हाल में पांच दिनों तक पंजाब में रहे। उन्होंने दोनों गुटों से अलग-अलग बातचीत कर मतभेद दूर करने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
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सूत्रों के अनुसार चन्नी अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में कयास लग रहे कि पार्टी आलाकमान दोनों गुटों को बैठाकर समझौता करा दे, क्योंकि पार्टी की एकजुटता राहुल गांधी की पहली वरीयता है या फिर मौके की नजाकत को समझते हुए राज वारिंग इस्तीफा देकर खुद इस पूरे झगड़े से अलग हो सकते हैं या फिर पार्टी चन्नी को राज्य की कमान सौंप दे और वारिंग को हटा दे। इन पहलुओं पर अंदरखाने चर्चा की जा रही है। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी इस झगड़े से काफी ना खुश हैं और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
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विधानसभा चुनाव में छह महीने से कम समय बचा
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से कम समय बचा है, लेकिन संगठन अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। उनका यह भी कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार घिरी हुई है। माहौल कांग्रेस के पक्ष में बन सकता है, लेकिन संगठनात्मक कमजोरी पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि तुरंत संगठनात्मक स्तर पर काम किया जाए, पार्टी के लिए एक-एक दिन अहम है।

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