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Delhi: मुंडका के जोहड़ों की सुरक्षा के लिए कवच, बाउंड्रीवॉल का काम शुरू, डीडीए ने दाखिल की छठी स्थिति रिपोर्ट

Tue, 06 Jan 2026 06:15 AM IST
Digvijay Singh नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 06 Jan 2026 06:15 AM IST
सार

राजधानी के मुंडका गांव के पुराने जलाशयों को बचाने को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कदम उठाया है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और अतिक्रमण के बीच ये जोहड़ इलाके के लिए जीवनरेखा की तरह है, जिनका संरक्षण बेहद जरूरी है।

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Protective measures for the ponds in Mundka boundary wall construction begins DDA files sixth status report i
(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के मुंडका गांव के पुराने जलाशयों को बचाने को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कदम उठाया है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और अतिक्रमण के बीच ये जोहड़ इलाके के लिए जीवनरेखा की तरह है, जिनका संरक्षण बेहद जरूरी है। एनजीटी के निर्देश पर डीडीए ने अपनी छठी स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट के अनुसार गांव के तीन प्रमुख खसरा नंबर 142/3-1, 178/1 और 373/1 (ताकिया तालाब) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीडीए के अनुसार, इन जलाशयों को सुरक्षित करने के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण, पानी की निकासी और पुलिस की मदद से कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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इस रिपोर्ट में साफ किया कि जलाशयों को सुरक्षित रखने, अतिक्रमण हटाने और उनकी बहाली के लिए जमीन स्तर पर क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं। यह रिपोर्ट डॉ. जीत सिंह यादव बनाम दिल्ली सरकार के मामले में पेश की गई है, जिसमें मुंडका गांव के जलाशयों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे खसरा 178/1 पर अतिक्रमण था, जिसे डीडीए ने पुलिस की मदद से हटा दिया। 10 और 11 नवंबर 2025 को दो दिन में अनधिकृत निर्माण तोड़ दिए गए। अब यहां का 55 फीसदी हिस्सा पार्क के रूप में विकसित है और बाकी खाली जमीन है।
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कुल 1643.85 वर्ग मीटर जमीन में से आधा पार्क
डीडीए ने अदालत को बताया कि कुल 1643.85 वर्ग मीटर जमीन में से आधा पार्क है। डीडीए के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कुमार राहुल देव समतायन ने शपथ-पत्र में कहा कि पहले की रिपोर्टों में भी अतिक्रमण और बहाली का ब्योरा दिया गया था। एनजीटी ने 18 नवंबर 2025 को आदेश दिया था कि सीमांकन पूरा करें और अतिक्रमण हटाने का टाइमलाइन बताएं। डीडीए अब पुलिस और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से मदद लेकर काम तेज कर रहा है।
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जलाशय 13403.70 वर्ग मीटर, 30.9 फीसदी हिस्से पर अतिक्रमण
रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे, ताकिया तालाब (खसरा 373/1) पर सबसे ज्यादा ध्यान है। यह जलाशय 13403.70 वर्ग मीटर का है, लेकिन 30.9 फीसदी हिस्से पर अतिक्रमण है। इसमें निजी लोगों के घर और दुकानें, एक रोड 14.06 फीसदी, मंदिर 2.6 फीसदी और एमसीडी व पोस्ट ऑफिस की इमारत 0.79 फीसदी शामिल है। इसमें पानी भरा हिस्सा 8622.411 वर्ग मीटर है, लेकिन कुछ हिस्सा खसरा की सीमा से बाहर है। सबसे बड़ा अतिक्रमण कमला देवी का है, जो 10.78 फीसदी जमीन पर है। ऐसे में डीडीए ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए हैं और दिसंबर 2025 में तोड़फोड़ की योजना है। 7 नवंबर, 2025 को गांववालों के साथ जॉइंट इंस्पेक्शन हुआ, जिसमें जलाशय की माप ली गई। रिपोर्ट में बताया गया कि जलाशय के अंदर पार्क, मंदिर और ट्रांसफॉर्मर भी हैं।


तालाब आरसीसी रोड और दीवार से घिरा
डीडीए के अधिकारी ने एनजीटी को बताया कि पुलिस की मदद से काम हो रहा है। 4 नवंबर 2025 को मुंडका पुलिस को 100 पुलिसकर्मियों की मांग की गई थी। गांववालों के साथ 7 नवंबर का सर्वे बताता है कि तालाब आरसीसी रोड और दीवार से घिरा है, जिसमें पानी, पार्क, शिव मंदिर, दूसरा मंदिर और ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। माप 13397.59 वर्ग मीटर निकली, जो राजस्व रिकॉर्ड से मेल खाती है।

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