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ट्रेड-फैक्टरी लाइसेंस फीस बढ़ाने का प्रस्ताव वापस
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नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा ने बृहस्पतिवार को सदन की बैठक में ट्रेड और फैक्टरी लाइसेंस फीस बढ़ाने का प्रस्ताव वापस ले लिया। वहीं, नगर निगम के 50 वर्ग मीटर का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने के संबंध में घोषणा के बावजूद अधिसूचना जारी नहीं होने पर सदन की बैठक में आप और कांग्रेस के पार्षदों ने हंगामा किया। इस कारण बैठक में कोई कामकाज नहीं हुआ।
सदन की बैठक शुरू होते ही आप नेता विकास गोयल एवं कांग्रेस नेता मुकेश गोयल ने दो माह पहले भाजपा पार्षदों की ओर से 50 वर्ग मीटर तक के मकानों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने की घोषणा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सदन की बैठक में लाए गए प्रस्ताव को स्थायी समिति के अध्यक्ष, नेता सदन और महापौर ने बहुमत से पास किया था, वहीं निगमायुक्त ने भी सदन की पिछली बैठक में बयान दिया था कि सदन की अगली बैठक यह प्रस्ताव औपचारिक तौर पर स्थायी समिति के माध्यम से आया जाएगा, लेकिन सदन की बैठक में यह प्रस्ताव नहीं लाया गया।
दोनों दलों के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण महापौर ने 10 मिनट तक बैठक स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी दोनों दलों के पार्षदों ने हंगामा जारी रखा। लिहाजा बैठक में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई और महापौर ने एजेंडा पास करके बैठक स्थगित कर दी। इस दौरान ट्रेड और फैक्टरी लाइसेंस फीस बढ़ाने का निर्णय वापस लेने संबंधी प्रस्ताव भी पास किया गया।
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सदन की बैठक शुरू होते ही आप नेता विकास गोयल एवं कांग्रेस नेता मुकेश गोयल ने दो माह पहले भाजपा पार्षदों की ओर से 50 वर्ग मीटर तक के मकानों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने की घोषणा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सदन की बैठक में लाए गए प्रस्ताव को स्थायी समिति के अध्यक्ष, नेता सदन और महापौर ने बहुमत से पास किया था, वहीं निगमायुक्त ने भी सदन की पिछली बैठक में बयान दिया था कि सदन की अगली बैठक यह प्रस्ताव औपचारिक तौर पर स्थायी समिति के माध्यम से आया जाएगा, लेकिन सदन की बैठक में यह प्रस्ताव नहीं लाया गया।
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दोनों दलों के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण महापौर ने 10 मिनट तक बैठक स्थगित कर दी। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी दोनों दलों के पार्षदों ने हंगामा जारी रखा। लिहाजा बैठक में किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई और महापौर ने एजेंडा पास करके बैठक स्थगित कर दी। इस दौरान ट्रेड और फैक्टरी लाइसेंस फीस बढ़ाने का निर्णय वापस लेने संबंधी प्रस्ताव भी पास किया गया।
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