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संचालकों ने कहा अगर केवल ट्यूशन फीस लेंगे तो बंद हो जाएंगे निजी स्कूल

Wed, 02 Sep 2020 12:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2020 12:24 AM IST
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Private schools can not survive only on tuition fees alone
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को अभिभावकों से सिर्फ प्रति माह ट्यूशन फीस लेने का आदेश दिया है। साथ ही ज्यादा फीस लेने पर उसे वापस करने या समायोजित करने को कहा है। सरकार के इस आदेश के बाद से स्कूल संचालक परेशान हैं। उनका कहना है कि विकास तथा अन्य शुल्क नहीं लेंगे तो बिल्डिंग की मरम्मत कैसे होगी और शिक्षकों को वेतन कैसे देंगे। ऐसे तो स्कूल बंद करने पड़ जाएंगे।
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स्कूल एसोसिएशन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायन्स के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा नेे सरकार से जवाब मांगा है कि अभिभावक फीस नहीं दे रहे हैं, फिर स्कूल शिक्षकों को वेतन कहां से दें। बहुत से स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं, जिसका खर्च वार्षिक शुल्क से दिया जाता है। बिजली-पानी के बिल, स्कूल की स्टेशनरी, प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान भी वार्षिक शुल्क से होता है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर भूकंप संभावित क्षेत्र है। कई स्कूलों की बिल्डिंग पुरानी हो रही है। अगर स्कूल विकास शुल्क नहीं लेंगे तो बिल्डिंग की मरम्मत कैसे कराएंगे। दिल्ली में दंगों के कारण बजट स्कूलों की फीस पिछले सत्र में भी पूरी नहीं आई। अभी तक भी महज 10 प्रतिशत स्कूलों में ही फीस आई है। सरकार गारंटी ले कि जिन स्कूलों में फीस नहीं आ रही उसकी भरपाई सरकार करे।
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