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तिहाड़ के हाई रिस्क सेल में बंद कैदियों ने दो को पीटा
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नई दिल्ली। तिहाड़ जेल संख्या आठ-नौ के हाई रिस्क सेल में बंद कैदियों ने शुक्रवार शाम एक विचाराधीन कैदी की पिटाई कर दी। बीच बचाव में आए एक अन्य कैदी को आरोपियों ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। घायल कैदियों को इलाज के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हरिनगर थाना पुलिस पीड़ित कैदी के बयान पर मारपीट का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से दो कैदियों की पिटाई किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने मारुफ और नीरज को उपचाराधीन पाया। मारुफ ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह जामिया नगर बाटला हाउस की झुग्गी में रहता है। गाजीपुर थाने के एक मामले में वह जेल संख्या 8-9 में बंद है।
शुक्रवार शाम वह अपने मामले के सिलसिले में ड्योढी पर वकील से मिलने गया था। जहां पर हाई रिस्क सेल में बंद दो विचाराधीन कैदी नीरज की पिटाई कर रहे थे। वह नीरज का बचाव करने के लिए वहां पहुंचा। उसके बचाव करने से नाराज दोनों आरोपी कैदी नीरज को छोड़कर उसकी लात घूंसों से पिटाई करने लगे। जिससे उसे काफी चोट आई। मारपीट होते देख जेल कर्मी वहां पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी कैदी वहां से भाग गए।
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पीड़ित ने बताया कि वह हमला करने वाले कैदियों को नहीं पहचानते हैं। लेकिन सामने आने पर पहचान कर लेंगे। जेल कर्मियों ने घायल नीरज और मारुफ को इलाज के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया।
मारुफ के बयान पर पुलिस ने अज्ञात कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हमला करने वाले बदमाशों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से दो कैदियों की पिटाई किए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने मारुफ और नीरज को उपचाराधीन पाया। मारुफ ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह जामिया नगर बाटला हाउस की झुग्गी में रहता है। गाजीपुर थाने के एक मामले में वह जेल संख्या 8-9 में बंद है।
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शुक्रवार शाम वह अपने मामले के सिलसिले में ड्योढी पर वकील से मिलने गया था। जहां पर हाई रिस्क सेल में बंद दो विचाराधीन कैदी नीरज की पिटाई कर रहे थे। वह नीरज का बचाव करने के लिए वहां पहुंचा। उसके बचाव करने से नाराज दोनों आरोपी कैदी नीरज को छोड़कर उसकी लात घूंसों से पिटाई करने लगे। जिससे उसे काफी चोट आई। मारपीट होते देख जेल कर्मी वहां पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी कैदी वहां से भाग गए।
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पीड़ित ने बताया कि वह हमला करने वाले कैदियों को नहीं पहचानते हैं। लेकिन सामने आने पर पहचान कर लेंगे। जेल कर्मियों ने घायल नीरज और मारुफ को इलाज के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया।
मारुफ के बयान पर पुलिस ने अज्ञात कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हमला करने वाले बदमाशों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।