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डीयू के कॉलेजों में प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति होगी शुरू
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेजों में प्रिंसिपल व शिक्षकों की नियुक्ति शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है। डीयू प्रशासन ने कॉलेजों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए सर्कुलर जारी किया है। कॉलेजों से कहा गया है कि वह आरक्षण रोस्टर तथा विज्ञापनों को तुरंत जारी करने की कार्यवाही करें। बीते एक दशक से इन पदों को भरने की मांग की जा रही है।
दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) अध्यक्ष डॉ हंसराज सुमन ने बताया कि कॉलेजों को भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि शैक्षणिक पदों का रोस्टर रजिस्टर तैयार कर उसे पास कराकर विज्ञापन की प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद कॉलेज विश्वविद्यालय को औपचारिक तौर पर नियुक्ति संबंधी एक्सपर्ट पैनल के लिए आवेदन करें।
कॉलेजों से कहा गया है कि यदि किसी भी कॉलेज में कार्यवाहक प्रिंसिपल है तो उन पदों को नियमित आधार पर भरने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी नहीं है। इस कारण शैक्षिक व गैर-शैक्षिक पदों पर नियुक्ति न होने से कॉलेजों का कार्य प्रभावित हो रहा है। इन कॉलेजों में 20 ऐसे कॉलेज हैं जिनमें स्थायी प्रिंसिपल नहीं हैं। इस कारण शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया रुकी हुई है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में नए कुलपति प्रो योगेश सिंह ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही प्रिंसिपल, शिक्षकों व गैर-शैक्षणिक पदों को भरने के निर्देेश दिए हैं। डॉ सुमन ने बताया कि दिल्ली सरकार के कॉलेजों में प्रिंसिपल, सहायक प्रोफेसरों के पदों के अतिरिक्त लाइब्रेरियन व गैर शैक्षिक पदों पर भी लंबे समय से नियुक्ति ना होने से सैकड़ों पद खाली हैं।
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दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) अध्यक्ष डॉ हंसराज सुमन ने बताया कि कॉलेजों को भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि शैक्षणिक पदों का रोस्टर रजिस्टर तैयार कर उसे पास कराकर विज्ञापन की प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद कॉलेज विश्वविद्यालय को औपचारिक तौर पर नियुक्ति संबंधी एक्सपर्ट पैनल के लिए आवेदन करें।
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कॉलेजों से कहा गया है कि यदि किसी भी कॉलेज में कार्यवाहक प्रिंसिपल है तो उन पदों को नियमित आधार पर भरने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी नहीं है। इस कारण शैक्षिक व गैर-शैक्षिक पदों पर नियुक्ति न होने से कॉलेजों का कार्य प्रभावित हो रहा है। इन कॉलेजों में 20 ऐसे कॉलेज हैं जिनमें स्थायी प्रिंसिपल नहीं हैं। इस कारण शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया रुकी हुई है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में नए कुलपति प्रो योगेश सिंह ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही प्रिंसिपल, शिक्षकों व गैर-शैक्षणिक पदों को भरने के निर्देेश दिए हैं। डॉ सुमन ने बताया कि दिल्ली सरकार के कॉलेजों में प्रिंसिपल, सहायक प्रोफेसरों के पदों के अतिरिक्त लाइब्रेरियन व गैर शैक्षिक पदों पर भी लंबे समय से नियुक्ति ना होने से सैकड़ों पद खाली हैं।