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राजधानी में कोचिंग सेंटरों पर लगाम लगाने की तैयारी

Thu, 15 Oct 2020 01:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 01:24 AM IST
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Preparations to curb coaching centers in the capital
नई दिल्ली। राजधानी में चल रहे निजी कोचिंग सेंटरों पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इन पर नियमन को लेकर दिल्ली सरकार एक फ्रेमवर्क तैयार कर रही है। नई नीति के तहत 20 से अधिक छात्रों की क्षमता वाले कोचिंग सेंटर संचालकों को अब दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय में पंजीकरण कराना होगा। वहीं, सरकार द्वारा तय किए गए मानदंडों को पूरा करना होगा। फिलहाल कोचिंग सेंटरों द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं, फीस, क्षेत्रफल का उपयोग व सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जाएगी। आम जनता, ट्रस्ट, सोसायटी और निजी कोचिंग सेंटरों (जिनकी क्षमता 20 छात्रों से अधिक है) उन्हें 15 अक्तूबर तक निर्धारित प्रारूप में शिक्षा निदेशालय को जानकारी देनी होगी।
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शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक योगेश पाल सिंह ने कहा कि राजधानी में विभिन्न निजी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं समेत अन्य तैयारी कराते हैं। वहीं, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विषयों के संबंध में भी पढ़ाने वाले कोचिंग सेंटरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यही वजह है कि राजधानी में पूरे देश से छात्र-छात्राएं तैयारी के लिए आते हैं। यह कोचिंग सेंटर किसी नियमन के दायरे के बाहर अपनी समांतर शिक्षा प्रणाली पर चल रहे हैं, जो बच्चों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में हुई आगजनी में 22 छात्रों की घटना को याद दिलाते हुए कहा कि इस मामले ने सरकार का कोचिंग सेंटरों के लिए दिशा-निर्देश बनाने की ओर ध्यान खींचा है। अब कोचिंग सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएं, सुरक्षा मानक और फीस संरचना के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार की नजर में ऐसे कई मामले देखने में आए हैं, जिनमें कुछ निजी कोचिंग सेंटर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहे हैं, लेकिन नियमन की वजह से उन पर शिकंजा कसना मुश्किल हो जाता है। इस संबंध में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने भी इस वर्ष फरवरी में 20 छात्रों से अधिक क्षमता वाले कोचिंग संस्थानों को बिल्डिंग नियमों के अनुसार शैक्षणिक भवन की श्रेणी में बांटा था।
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