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दसवीं प्री बोर्ड में प्राप्त अंकों को तीसरे पीरियोडिक मूल्यांकन के समान माना जाएगा
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं 4 मई से शुरू होनी है। उससे पहले स्कूलों में दोनों कक्षाओं के प्री-बोर्ड होंगे। बारहवीं के प्री बोर्ड के लिए संभावित तिथियां 20 मार्च से 15 अप्रैल है, जबकि दसवीं के लिए एक से 15 अप्रैल के बीच होगी। दसवीं प्री बोर्ड में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों को तीसरे पीरियोडिक मूल्यांकन के समान माना जाएग।
शिक्षा निदेशालय ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा की तैयारी के मद्देनजर सभी स्कूलों के लिए गतिविधियों का एक प्लान जारी किया। इस संबंध में स्कूलों को कहा गया है कि वह परीक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए बच्चों को गाइड करें। बच्चों को प्रैक्टिकल की प्रैक्टिस कराई जाए। प्री-बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्न पत्र का पैटर्न सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 जैसा होगा। ऐसे में इसकी ज्यादा से ज्यादा तैयारी कराना जरूरी है।
निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि इस बार बोर्ड ने प्रश्न पत्रों के डिजाइन में संशोधन किया है। इस कारण इस बार प्रश्न पत्र में वस्तुनिष्ठ, स्रोत आधारित, हॉट्स, विश्लेषणात्मक व एप्लिेकशन आधारित प्रश्न काफी होंगे, ऐसे में इन प्रश्नों की प्रैक्टिस बच्चों को कराना जाना जरूरी है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा सीबीएसई सैंपल पेपर का अभ्यास कराया जाया।
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स्कूलों से ये भी कहा गया है कि बच्चों के हित में स्कूल इन दिशा-निर्देशों का पालन करें। बच्चों के तीन में से दो सर्वश्रेष्ठ पीरियोडिक औसत अंकों को रिजल्ट में पांच अंक के रुप में माना जाए। छात्रों को अभ्यास के लिए प्रोर्टफोलियो के रूप में वर्कशीट दी जाए, जिसके पांच अंक हों। स्कूलों को 1 अप्रैल 2021 से अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक पांच अंक के कई मूल्यांकन करने होंगे।
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शिक्षा निदेशालय ने दसवीं-बारहवीं की परीक्षा की तैयारी के मद्देनजर सभी स्कूलों के लिए गतिविधियों का एक प्लान जारी किया। इस संबंध में स्कूलों को कहा गया है कि वह परीक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए बच्चों को गाइड करें। बच्चों को प्रैक्टिकल की प्रैक्टिस कराई जाए। प्री-बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्न पत्र का पैटर्न सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 जैसा होगा। ऐसे में इसकी ज्यादा से ज्यादा तैयारी कराना जरूरी है।
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निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि इस बार बोर्ड ने प्रश्न पत्रों के डिजाइन में संशोधन किया है। इस कारण इस बार प्रश्न पत्र में वस्तुनिष्ठ, स्रोत आधारित, हॉट्स, विश्लेषणात्मक व एप्लिेकशन आधारित प्रश्न काफी होंगे, ऐसे में इन प्रश्नों की प्रैक्टिस बच्चों को कराना जाना जरूरी है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा सीबीएसई सैंपल पेपर का अभ्यास कराया जाया।
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स्कूलों से ये भी कहा गया है कि बच्चों के हित में स्कूल इन दिशा-निर्देशों का पालन करें। बच्चों के तीन में से दो सर्वश्रेष्ठ पीरियोडिक औसत अंकों को रिजल्ट में पांच अंक के रुप में माना जाए। छात्रों को अभ्यास के लिए प्रोर्टफोलियो के रूप में वर्कशीट दी जाए, जिसके पांच अंक हों। स्कूलों को 1 अप्रैल 2021 से अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक पांच अंक के कई मूल्यांकन करने होंगे।